मेदिनीनगर (पलामू)
झालसा के दिशा निर्देश व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्री राम शर्मा के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को केंद्रीय कारा मेदिनीनगर में जेल अदालत व विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अदालत में सीजेएम मनोरंजन कुमार,एसीजेएम सुशीला सोरेंग, डालसा सचिव एस के गौतम, जे एम शम्भू महतो एलएडीसी के अधिवक्ता उपस्थित हुए।इस मौके पर सीजेएम मनोरंजन कुमार ने कैदियों को संवैधानिक अधिकारों व कर्तव्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कैदियों को बंदी के रूप में प्राप्त अधिकारों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार से प्रदत लाभ के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कारा में निरुद्ध व्यक्ति बंदी आवेदन भेज कर मुफ्त वकील प्राप्त कर सकता है ।उन्होंने कहा कि कैदियों को अपने मुकदमे की अधतन जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बन्दी भी हमारे समाज से आते हैं वे भी जेल से निकलने के बाद समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का काम करें ।उन्होंने कहा कारा आत्ममंथन का केंद्र हैं ।उन्होंने कहा कि अगर आपसे जाने अनजाने गलती हो गई है तो सुधार करे।मौके पर डालसा सचिव एस के गौतम ने कहा कि कैदी भी नागरिक हैं। भूल बस अथवा गलत करने से वह जेल में आ गए हैं । लेकिन एक न एक दिन वे भी जेल से निकलेंगे और आम नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करेंगे ।उन्होंने कहा कि डालसा के द्वारा आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता मुहैया कराया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि डालसा के माध्यम से बड़े पैमाने पर लोगों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिल रहा है।उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपी को यह अधिकार है कि गिरफ्तारी का कारण जान सकता है। अगर पुलिस द्वारा आरोपी को 24 घण्टे से अधिक रखा जाता है तो आरोपी सम्बन्धित थाना के मजिस्ट्रेट के पास शिकायत कर सकता है ।इस।मौके पर एल ए डी सी के चीफ अमिताभ चन्द्र सिंह, असिस्टेंट वीर विक्रम वक्स राय,उत्तम कुमार, पुष्कर राज नीतू सिंह, जेलर डी एन राम जेल पीएलभी नीरज सिंह के अलावे सौकड़ों बन्दी उपस्थित थे।

