बाल विवाह है कानूनी अपराध इसमें कठोर दंड का भी है प्रवावधान – बीडीओ

हरिहरगंज (पलामू) हरिहरगंज प्रखंड क्षेत्र को 15 जनवरी 2026 तक बाल विवाह मुक्त घोषित करने को लेकर प्रखंड सभागार में शनिवार को बीडीओ पारितोष प्रियदर्शी की अध्यक्षता में अहम बैठक की गई। जिसका संचालन जिला परियोजना सहायक नीति आयोग के निरंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बैठक में सर्वप्रथम प्रखंड के सभी पंचायतों में बाल विकास की समीक्षा की गई। इस दौरान किसी पंचायतों में बाल विवाह का कोई भी मामले सामने नहीं आए। बैठक में जेएसएलपीएस जेंडर सदस्यों द्वारा संभावित दो बाल विवाह को रोकने की जानकारी दी गई। वहीं बीडीओ ने कहा कि आर्थिक रूप से जो कमजोर परिवार शिक्षा के अभाव में बच्चियों की शादी कम उम्र में कर देते हैं तथा जो लोग दूसरे जगहों पर काम करने के दौरान बाल विवाह कर दिया करते हैं वैसे लोगों को चिन्हित करना सभी की जवाबदेही है। इसे देखते हुए जागरूकता को लेकर 30 सदस्यीय बालिकाओं का ग्रुप बनाने का निर्देश दिया गया। जबकि इसकी निगरानी के लिए सभी मुखिया, पंसस, पंचायत सेवकों को जिम्मेवारी दी गई। बैठक में यह बताया गया कि चिन्हित जरूरतमंदों को कन्यादान योजना सहित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। यह कहा गया कि 18 साल के बाद शादी योग्य बेटियों को 30 हजार रुपए तक आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इस दौरान स्कूल छोड़ चुके बच्चियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि बाल विवाह के मामले आने पर संबंधित अभिभावकों, परिजनों को दोषी मानते हुए 1 लाख रुपए जुर्माना और दो साल तक जेल की सजा का भी प्रावधान है ।यही नियम पंचायत क्षेत्र पंचायत क्षेत्र के मुखिया, पंसस पर भी यह लागू होगा। इस दौरान बैठक में मौजूद मुखिया, पंसस, सरकारी कर्मियों और जेएसएलपीएस सदस्यों को शपथ दिलाते हुए 15 जनवरी 2026 तक हरिहरगंज प्रखंड को बाल विवाह मुक्त घोषित करने में सार्थक भूमिका निभाने के अपील की। मौके पर सीओ मनीष कुमार सिन्हा, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षिका सरस्वती देवी, सुमित्रा देवी, जेंडर सीआरपी ममता देवी, पूनम देवी, गुंजा सिंह, संजू कुमारी, पूनम देवी, सीसी ममता कुमारी,पीआरपी ममता कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि सनोज गुप्ता, सतेंद्र भुईयां, सतेंद्र मेहता, पंचायत सेवक मुखदेव राम, मुन्ना कुमार आदि मौजूद थे।

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