मेदिनीनगर (पलामू) पलामू जिला के कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव कुमार दास के अदालत में चल रहे पति-पत्नी के विवाद को कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव कुमार दास के पहल पर राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझा दिया गया है। विदित हो कि एक मामला नावाबाजार थाना अंतर्गत राजहरा कोठी का था। राजहरा कोठी निवासी फारूक अब्दुल्ला ने अपनी पत्नी शबाना प्रवीण को दांपत्य जीवन की पुनर्स्थापना के लिए चार अगस्त 2025 को कुटुंब न्यायालय पलामू में केस किया था ।फारूक अब्दुल्ला की शादी सदर थानांतर्गत खनवा निवासी शबाना प्रवीण से नव मई 2018 को हुई थी। दोनों के दाम्पत्य जीवन से एक पुत्र हैं। जो पांच वर्ष का हैं। शबाना परवीन 20 जून 2025 से मायके में रह रही थी ।दोनों आज से साथ रहने पर सहमत हुए और कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने दोनों को राजी खुशी से अपने उपस्थिति में विदा किया वही एक दूसरा मामला भरण पोषण से संबंधित था। हरिहरगंज थाना अंतर्गत तिलकाटॉड निवासी सोनम देवी ने बिश्रामपुर थाना अंतर्गत कौड़िया निवासी अपने पति अवधेश राम के द्वारा भरण पोषण नहीं देने को लेकर केस की थी। सोनम देवी का आरोप था कि उसकी शादी सात मई 2019 को अवधेश राम के साथ हुई थी ।अवधेश राम व उसके दाम्पत्य जीवन से दो लड़की है। सोनम देवी को अवधेश राम भरण पोषण नहीं दे रहा था।भरण पोषण नहीं देने को लेकर सोनम देवी ने कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की अदालत में 26 जुलाई 2023 को केस की थी। उसने बताया था कि उसके पति अवधेश राम सरिया सेंट्रिंग में काम करते हैं जिससे महीना में 50 हजार रुपये कमा लेते हैं ।और खेती-बाड़ी से दो लाख रुपए सालाना आमदनी होता है। उसने पति से 25 हजार रुपए महीना भरण पोषण दिलाने को लेकर न्यायालय में केस की थी।परन्तु दोनों पक्ष राजी खुशी से सुलह कर लिए तथा दोनों साथ रहने पर सहमत हो गए। इस तरह से घर टूटने से बच गया।

