पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं बच्चे : राकेश रंजन

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सदर मेदिनीनगर में विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मेदिनीनगर (पलामू)

पर्यावरण का रक्षा करना हम सभी का धर्म होना चाहिए। बच्चे पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उक्त बातें पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने कही। वे बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस पर सदर मेदिनीनगर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका प्लस टू विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने स्कूल की बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि मरुस्थलीकरण के बढ़ते खतरे व गिरते भू- जलस्तर पर सभी को चिंता करनी चाहिए। प्लास्टिक का त्याग कर छोटी-छोटी व बेहतर आदतों से हम धरती को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के जल को बचाने से ही मानव जीवन आगे बढ़ पाएगा। ऐसे में जरूरत है कि बच्चियां छुट्टियों में जब भी घर पर जाएं तो अपने आस पड़ोस, माता-पिता व भाई-बहन को पर्यावरण संरक्षण के लिए बताई गई बातों को उन तक रखें। उन्होंने कहा कि पौधे को लगाना और उसे बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है। डीएलएसए सचिव ने बाल विवाह व डायन प्रथा को लेकर बच्चियों को जागरूक किया। कहा कि आस- पड़ोस में कहीं भी डायन प्रथा या बाल विवाह की घटना घट रही हो तो उसकी सूचना बीडीओ, डीसी, एसपी व डीएलएसए को सीधे फोन के माध्यम से दे सकते हैं, त्वरित कार्रवाई होगी।
मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता वीणा मिश्रा ने कहा कि आज विश्व पृथ्वी दिवस है। पृथ्वी मां के समान है। इस पर किसी तरह की गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। किसी के जन्म दिवस पर पेड़ पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने बच्चियों को गुड व बैड टच के बारे में विस्तार से बताया। डायन प्रथा समाप्त करने के लिए बच्चियों को शपथ भी दिलाई। इसके पहले कार्यक्रम का संचालन करते हुए एलएडीसी डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि पृथ्वी मां के समान है।इन्हें दूषित होने से बचाना सभी का कर्तव्य व धर्म है। पर्यावरण संतुलित रहेगा तभी मानव स्वस्थ रह पाएंगे नहीं तो दिल्ली व मुंबई जैसे शहरों में सांस लेना मुश्किल हो गया है, वैसा ही समस्या हर जगह हो जाएगी। इससे बचने के लिए पेड़ पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार सभी समस्या का समाधान करता है। जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है उन योजनाओं का लाभ भी दिलाता है। जो गरीबी रेखा के अंतर्गत है उन्हें कोर्ट में एक रूपए भी फीस नहीं देनी पड़ती है। उन्होंने डालसा से मिलने वाली सुविधाओं को विस्तार से बताया। कहा कि बच्चियां घर पर जाए तो गांव के लोगों को डीएलएसए के बारे में जरूर जागरूक करें। मौके पर बच्चियों ने विश्व पृथ्वी दिवस पर एक से बढ़कर एक पोस्टर का भी निर्माण किया। साथ ही पोस्टर को डीएलएसए के सचिव राकेश रंजन को समर्पित किया। सचिव ने चित्रकला को देख काफी प्रसन्न हुए। साथ ही बच्चों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों के बीच निबंध प्रतियोगिता आयोजित कराने पर भी बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन प्रीति कुमारी ने किया। मौके पर पीएलभी शैलेंद्र तिवारी, विद्यालय की शिक्षिका वर्षा कुमारी, रूबी कुमारी, मिलिमा देव, रागिनी रंजन, रूपा मेहरा, संधि सुधा, बबीता कुमारी, कल्पना कुमारी, कुमारी, रीति बाला, चंदा, विभा, लेखापाल राजा राम पाल, होम गार्ड प्रियंका, गुडन, गार्ड अजय विश्कर्मा मौजूद थे।

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