विश्रामपुर (पलामू)
शांत माहौल, सख्त अनुशासन और कड़ी निगरानी के बीच संत तुलसीदास महाविद्यालय रेहला में स्नातक सेमेस्टर-वन की परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की हलचल देखी गई। निर्धारित समय पर विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में पहुंचे और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप परीक्षा प्रक्रिया शुरू हुई।
यह परीक्षा नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत कराई जा रही है। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा को पूरी तरह कदाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की सघन जांच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके।
केंद्र अधीक्षक कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थी मोबाइल, पर्स, बैग, कैलकुलेटर, डिजिटल घड़ी या किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं कर सकते।
परीक्षा नियंत्रक शशि रंजन सिंह ने भी विद्यार्थियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई परीक्षार्थी नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसे परीक्षा से वंचित भी किया जा सकता है।
शुक्रवार को आयोजित परीक्षा में माइनर-1 के तहत भूगोल, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की परीक्षा ली गई। परीक्षा के दौरान पूरे परिसर में अनुशासन और गंभीरता का माहौल देखने को मिला।
परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महाविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी पूरी सक्रियता के साथ जुटे रहे। इस दौरान असिस्टेंट परीक्षा नियंत्रक स्मिता पांडे, रंजन दुबे, टीपी तिवारी, ज्योति कुमारी, आशा कुमारी, डॉ. कुमारी संगीता, डॉ. सुनील यादव, राकेश शुक्ला, डॉ. श्याम मिश्रा, अजय ओझा, चंद्र प्रकाश चौबे, प्रधान सहायक अमित कुमार, देव प्रकाश, सुधीर चौबे, आशीष पांडे, जितेंद्र पाठक, दिलीप चौबे, रामेश्वर राम, गुंजन पासवान, विनय कुमार, सुधीर यादव, अनुज कुमार, संगीता कुमारी, राम बिहारी राम सहित कई शिक्षक-कर्मचारी परीक्षा कार्य में सक्रिय नजर आए।
महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ परीक्षा संपन्न कराई जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और कदाचार मुक्त माहौल मिल सके।

