विश्रामपुर (पलामू)
रांची स्थित मोराबादी के बापू वाटिका से आज प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर मनरेगा योजना का नाम बदलने के केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान से जोड़ते हुए मोदी सरकार की तीखी आलोचना की।
इस विरोध कार्यक्रम में विश्रामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुधीर कुमार चंद्रवंशी सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के. राजू रहे।
प्रदर्शन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, सब प्रभारी भूपेंद्र मरावी, डॉ. बेला प्रसाद, ओबीसी प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष साहू, पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी, ओबीसी प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नगवाल, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, पलामू जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रामदेव यादव, पांकी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी लाल सूरज, पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय यादव, हजारीबाग ओबीसी अध्यक्ष अजय प्रजापति, प्रदेश प्रवक्ता परवेज आलम, वरीय पलामू जिला अध्यक्ष विमला कुमारी, पलामू जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना केवल नामकरण का विषय नहीं है, बल्कि इसके पीछे भारी ‘हिडन कॉस्ट’ जुड़ी हुई है। हर प्रखंड और पंचायत में चल रही योजनाओं के कागजात, ऑनलाइन पोर्टल, रिकॉर्ड और दस्तावेजों में बदलाव पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। यदि यही धन मनरेगा के लाभुकों पर खर्च किया जाता, तो करोड़ों गरीब मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को वास्तविक लाभ मिल सकता था।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार प्रतीकों की राजनीति में उलझी हुई है, जबकि देश के गरीबों को रोजगार, समय पर मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा योजना की मूल भावना के अनुरूप इसे और अधिक सशक्त बनाया जाए, ताकि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों को उनका अधिकार मिल सके।

