मजहबी जंग के बीच पलामू में साहित्य का तोप दागता शांति का गोला : अविनाश देव

मेदिनीनगर (पलामू)

स्थानीय उर्दू लाइब्रेरी में अदबी संसार द्वारा नए साल के कलेंडर लोकार्पण समारोह सह मुशायरा,कवि सम्मेलन में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। नए साल में पलामू जिले के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकारों की बड़े पैमाने पर उपस्थिति हुई। साहित्यिक दुनिया में मां मौसी दोनों तहजीब के कवियों के साथ मिल कर अदबी संसार के कैलेंडर का लोकार्पण किए। विद्वान लेखक कवि शायर राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक सुधि पाठकों को संबोधित किए। अपने संबोधन में हमने कहा पलामू में साहित्य का पुराना इतिहास रहा है। यहां दिनकर से लेकर रेणु तक,शिवपूजन सहाय से लेकर महाश्वेता देवी तक का आगमन हुआ है। पलामू में समय समय पर साहित्य सम्मेलन शताब्दी पहले से आयोजित होते रहा है जिसकी रवायत आप सबों ने आज भी जिंदा रखा है। पहली बार उर्दू लाइब्रेरी आकर आज हम अपने को खुशनसीब समझ रहे हैं लग रहा है जैसे मौसी के घर आया हूं। आज के मुशायरा व कवि सम्मेलन इस मायने में भी खास लग रहा है कि जहां जाति और मजहब के नाम पर सियासी जंग में इंसान मारा जा रहा है, वहीं दोनों धर्मों के हिंदू मुसलमान एक साथ साहित्यिक पाठ कर रहे हैं। और महिला कवयित्री की उपस्थिति विश्वास को पुख्ता कर दिया कि हमारी गंगा यमुनि संस्कृति एक है अटूट है। शायद पलामू एकलौता जिला है जहां कब्रिस्तान हिन्दू मोहल्ला में और श्मशान मुस्लिम मोहल्ला में है और दोनों एक दूसरे को सहयोग करते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार श्रीधर दुबे जी,रवि शंकर तिवारी,परशुराम तिवारी,ममता झा,रेणु प्रेम दुबे, कयूम रूमानी,सहित एक दर्जन दोनों मजहब के विद्वान गुणवान और बुद्धिमान जन के जमावड़ा आज उर्दू लाइब्रेरी से यह संदेश दिया कि मजहबी और सियासी जंग के बीच साहित्य का तोप अमन शांति भाईचारा का गोला दागता रहेगा और पलामू दुनिया को एकता का धर्मनिरपेक्षता के संदेश देता रहेगा। साहित्यकारों कवियों का यह बुलंद आवाज देश को मजबूत करता रहेगा। सभी विद्वजनों को सलाम प्रणाम जोहार! इस आयोजन के लिए एम जे अजहर साहब सहित पूरी टीम को बहुत बहुत शुक्रिया आदाब। नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं।

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