पलामू जिले को बाल विवाह मुक्त कराने का संकल्प लें , राकेश रंजन

डीडीसी के कार्यालय सभागार में पलामू को बाल विवाह से मुक्ति कराने को ले पीएलभी के साथ हुई कार्यशाला

मेदिनीनगर (पलामू)

पलामू जिले को बाल विवाह मुक्त कराने का संकल्प ले उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने कही। वे गुरुवार को उप विकास आयुक्त कार्यालय के सभागार में नालसा के दिशा निर्देश व डालसा पलामू के तत्वावधान में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की रक्षा व समुदायों के भीतर जागरूकता बढ़ाने को लेकर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पलामू डीएलएसए सचिव राकेश रंजन ने बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर समाजिक समस्या है। साथ ही यह कानूनन अपराध भी हैं।उन्होंने महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा व लैंगिक उत्पीड़न पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पीएलभी से कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में सामाजिक कुरीतियां बाल विवाह व डायन प्रथा को लेकर लोगों को जागरूक करें। अपने नजदीकी स्कूल में बच्चे व बच्चियों को बाल विवाह व डायन प्रथा के उन्मूलन के लिए जागरूक करें। माह में एक बार स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम जरूर चलाएं। पलामू को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में अपना अहम योगदान दें। इसके पूर्व डीएलएसए के सचिव राकेश रंजन, एलएडीसी चीफ अमिताभ चंद सिंह, डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय, यूनिसेफ की जिला समन्वयक सुमन, झारखंड शिक्षा परियोजना के एपीओ उज्जवल कुमार मिश्रा व नीति आयोग के पलामू जिला परियोजना सहायक निरंजन कुमार गुप्ता ने
द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन पलामू डीएलएसए के कार्यालय प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने किया। मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चन्द सिंह ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की व 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का शादी बाल विवाह के अंतर्गत आता है। बाल विवाह रोकने के लिए टॉल फ्री नम्बर 1098 पर कॉल कर सकते हैं। एलएडीसी के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर व शिक्षा से वंचित परिवारों का बाल विवाह कराने की तरफ झुकाव अधिक रहता है। ऐसे परिवारों को जागरूक करना जरूरी है। पीएलभी चाहेंगे तो जागरूकता के माध्यम से बाल विवाह पर रोक लगाने में सक्षम हो सकते हैं। सभी शपथ लें कि किसी भी हाल में बाल विवाह अपने क्षेत्र में नहीं होने देंगे। मौके पर नीति आयोग के पलामू जिला परियोजना सहायक निरंजन कुमार गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह रुकवाने के लिए उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड लेवल पर बीडीओ, सीडीपीओ, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी व पंचायत लेवल पर पंचायत सचिव बाल विवाह रुकवा सकते हैं। कहा कि बाल विवाह रुकवाने या बच्चों के खिलाफ किसी भी अपराध होने पर टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं। पुलिस से सहयोग के लिए 112 पर कॉल करें। उन्होंने कानून के सभी पहलुओं पर पीएलभी के साथ चर्चा की। मौके पर झारखंड शिक्षा परियोजना के एपीओ उज्जवल कुमार मिश्रा ने कहा कि स्कूलों के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया जाए तो कुरीतियों पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल में बाल संसद के माध्यम से बच्चों को गुड व बैड टच के बारे में बताया जाता है। मौके पर यूनिसेफ की पलामू जिला समन्वयक सुमन कुमारी ने कहा कि बाल विवाह रोकना है तो बच्चों को शिक्षा से व माता-पिता को अजीविका से जोड़ना होगा। बाल विवाह का मुख्य कारण अज्ञानता व गरीबी है। उन्होंने सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए बच्चियों को शिक्षा व माता-पिता को आजीविका मिशन से जोड़ना होगा। इसमें पीएलभी मददगार सिद्ध हो सकते हैं। कार्यक्रम में पलामू जिले के पंचायत में कार्यरत पीलभी शामिल थे।

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