बरवाडीह स्टेडियम स्थल परिवर्तन मामला, सचिव के निर्देश के बाद भी नही हुई जांच

बरवाडीह (लातेहार)

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में प्रस्तावित प्रखंड स्तरीय स्टेडियम के स्थल परिवर्तन से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड सरकार के पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव द्वारा इस संबंध में जांच के निर्देश दिए जाने के लगभग एक माह बाद भी अब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे स्टेडियम निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। बताया जाता है कि जिस स्थल पर स्टेडियम निर्माण प्रस्तावित है, वह क्षेत्र रिहायशी आबादी के बीच स्थित है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विभाग को दिए गए आवेदन में कहा गया था कि यह मैदान वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया था कि चारों ओर घर बसे होने के कारण निर्माण होने पर आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर स्टेडियम की चहारदीवारी का निर्माण कार्य लगातार जारी है। जांच प्रक्रिया पूरी न होने के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ने से स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थल परिवर्तन से संबंधित जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य को स्थगित रखा जाना चाहिए था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड स्तर के अधिकारियों के आपसी तालमेल से संवेदक द्वारा चहारदीवारी का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों में एक अहम बिंदु यह भी है कि जिस क्षेत्र में अर्धनिर्मित स्टेडियम की चहारदीवारी बनाई जा रही है, उसी परिसर के भीतर दुर्गा मंडप स्थित है। जानकारी के अनुसार, उक्त दुर्गा मंडप का निर्माण पिछले वर्ष स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह द्वारा कराया गया था और यहां प्रतिवर्ष धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। ऐसे में मंडप का स्टेडियम परिसर के भीतर आ जाना भविष्य में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्टेडियम निर्माण के चलते एक सरकारी विद्यालय को मैदान के बाहर कर दिया गया है। हालांकि शिक्षकों की मांग पर विद्यालय के सामने मैदान में प्रवेश के लिए एक गेट छोड़ा गया है, ताकि विद्यार्थियों को आने-जाने में कठिनाई न हो। इसके बावजूद विद्यालय और खेल मैदान के संबंध में स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों की आपत्ति के बाद विभागीय स्तर पर पत्राचार हुआ था और सचिव द्वारा उपायुक्त, लातेहार को जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे स्टेडियम निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन निर्माण कार्य सभी पक्षों की सहमति और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद होना चाहिए। अब देखना यह है कि जांच प्रक्रिया कब पूरी होती है और विभाग इस मामले में क्या निर्णय लेता है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और विभागीय निर्णय पर टिकी हुई हैं, जिससे स्टेडियम निर्माण को लेकर आगे की दिशा तय हो सके।

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