बारियातू में 75 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना की परंपरा कायम

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हो रहा दुर्गा सप्तशती का पाठ, आकर्षक पंडाल में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

बारियातू (लातेहार)

बारियातू प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गाबाड़ी में मां दुर्गा की आराधना की 75 वर्षों पुरानी परंपरा आज भी कायम है। यहां प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है। पूजा-अर्चना और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
आचार्य जनार्दन पांडेय एवं अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि षष्ठी तिथि की संध्या को बेलवरण पूजा के लिए गाजे-बाजे के साथ ग्राम देवी मंदिर परिसर में अनुष्ठान किया जाएगा। सप्तमी तिथि को बारियातू से कड़रका नदी तक जलयात्रा निकाली जाएगी। नदी पूजन के बाद घट स्थापना कर देवी-देवताओं का आह्वान किया जाएगा। इसके पश्चात मां दुर्गा का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अष्टमी तिथि को महाष्टमी की पूजा होगी। नवमी तिथि को सोमवार सुबह 7:54 बजे संधि बलि का अनुष्ठान किया जाएगा। महाष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए संधि बलि के बाद पारण का विधान बताया गया है।
इधर, दुर्गाबाड़ी में आयोजित महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। परिसर में आयोजित भागवत कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस वर्ष शिव मंदिर की आकृति पर आधारित आकर्षक पंडाल बनाया गया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंडाल की भव्यता देखने और मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दुर्गाबाड़ी पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

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