मेदिनीनगर (पलामू)
झारखंड की धरती आज अपनी उस महान माँ को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है, जिन्होंने अपने जीवन के संघर्षों, त्याग और अटूट धैर्य से झारखंड आंदोलन के इतिहास को एक नई शक्ति दी। दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जीवनसंगिनी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की पूज्य माताजी राज्य माता स्वर्गीय रूपी सोरेन जी के निधन से झारखंड ने केवल एक माँ नहीं, बल्कि त्याग, ममता और संघर्ष की एक जीवंत मिसाल खो दी है।
इसी गहरे दुःख और अपूरणीय क्षति के बीच 13 अक्टूबर 2026 को झारखंड मुक्ति मोर्चा के पलामू जिला कार्यालय, डाल्टनगंज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नम आँखों से रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूरा वातावरण शोक, मौन और भावनाओं से भरा रहा।
सभा की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष सह केंद्रीय समिति सदस्य श्री सन्नू सिद्दीकी जी ने की।
श्री सन्नू सिद्दीकी ने कहा—
“रूपी माँ का जाना पूरे झारखंड के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने संघर्ष के कठिन दिनों में परिवार को संभाला और झारखंड आंदोलन की यात्रा में अदम्य धैर्य और त्याग का परिचय दिया। उनके स्नेह, संस्कार और समर्पण की छाप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी। माँ, आप भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपकी ममता और आशीर्वाद हमेशा झारखंड की मिट्टी में महसूस किए जाते रहेंगे।”
जिला सचिव श्री रंजन चंद्रवंशी ने कहा—
“रूपी माँ का त्याग और सादगी सदैव याद रहेंगे। उनका जाना पूरे झारखंड परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
केंद्रीय समिति सदस्य श्री चंदन सिन्हा ने कहा—
“रूपी सोरेन जी का जीवन त्याग, धैर्य और संघर्ष की मिसाल था। उनका योगदान झारखंड के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।”
श्रीमती सुशीला मिश्रा ने कहा—
“एक माँ का त्याग शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। रूपी माँ ने कठिन परिस्थितियों में परिवार को संभाला। उनका स्नेह और संघर्ष हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे।”
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। नम आँखों और भारी मन से सभी ने एक स्वर में नारा लगाया—
“राज्य माता रूपी सोरेन अमर रहें!”
“जब तक झारखंड की माटी रहेगी, रूपी माँ की स्मृति हमारे दिलों में जीवित रहेगी!”
यह विदाई केवल एक परिवार की माँ को विदाई नहीं, बल्कि उस ममता, त्याग और संघर्ष को नमन है, जिसने झारखंड की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। रूपी सोरेन जी का स्नेह, उनकी सादगी और उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।इस श्रद्धांजलि सभा में असफर रब्बानी,देवानंद भारद्वाज,नवीन सिन्हा ,अखलेश कुमार सिंह,रजिया नियाजी,कांति चंद्रवंशी,मंजू चंद्रवंशी,गोपाल कुमार सिन्हा ,सुनील तिवारी, नगर मोर्चा रंजीत जायसवाल,अल्ताफ उर्फ सोनम,दिनेश सोनी,युवा मोर्चा सूरज गुप्ता,कौशल किशोर,अरविंद चौधरी,बबलू चौधरी,सुन्नी शुक्ला,शार्दूल विनायक,सुमित वर्मन,अविनाश देव,रामनाथ चंद्रवंशी,सुनील कुमार,सौरव,सैय्यद फैज़ल,सोनुसिद्दीकी,सिद्धार्थ पांडे,
अश्रुपूरित श्रद्धांजलि के साथ,
श्री सन्नू सिद्दीकी
जिला उपाध्यक्ष सह केंद्रीय समिति सदस्य
झारखंड मुक्ति मोर्चा, पलामू

