नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय : VC दिनेश सिंह ने परीक्षा नियंत्रक व OSD से NCCF को 2.68 करोड़ का भुगतान कराया

मेदिनीनगर (पलामू)

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) पलामू के कुलपति दिनेश सिंह ने मनपसंद व्यक्ति को परीक्षा नियंत्रक और OSD बना कर National cooperative consumers federation of India limited(NCCF) को 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान कराया. इसी भुगतान के उद्देश्य से राज्यपाल द्वारा नियुक्त परीक्षा नियंत्रक को समय से पहले पद से हटा दिया. इसके अलावा डॉक्टर शैलेश कुमार मिश्रा को गलत तरीके से रजिस्ट्रार के पद पर बनाये रखा. इन तथ्यों का उल्लेख वित्त विभाग द्वारा कराये गये स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में किया गया है.

उल्लेखनीय है कि NPU के कुलपति के खिलाफ लगे विभिन्न प्रकार के वित्तीय आरोपों के मद्देनजर राज्यपाल ने स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया था. इसका उद्देश्य ऑडिट में पायी जाने गड़बड़ी के आधार पर कुलपित के खिलाफ कार्रवाई करना बताया जाता है. राज्यपाल के आदेश के आलोक में वित्त विभाग द्वारा कराये गये ऑडिट रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्यपाल के अनुमोदन के बाद डॉक्टर रविशंकर को एक साल के लिए परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्ति किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने National Cooperative Federation oF India Limited (NCCF) द्वारा परीक्षा से संबंधित 13 काम नहीं करने से संबंधित रिपोर्ट दिया था. इसमें परीक्षा से पहले के पांच और परीक्षा के बाद के आठ काम नहीं करने का उल्लेख था. इस रिपोर्ट की वजह से NCCF का 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्यपाल के अनुमोदन के बाद डॉक्टर रविशंकर को एक साल के लिए परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्ति किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने National Cooperative Federation oF India Limited (NCCF) द्वारा परीक्षा से संबंधित 13 काम नहीं करने से संबंधित रिपोर्ट दिया था. इसमें परीक्षा से पहले के पांच और परीक्षा के बाद के आठ काम नहीं करने का उल्लेख था. इस रिपोर्ट की वजह से NCCF का 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा था.

लेकिन इसके बाद भी उन्हें रजिस्ट्रार के पद पर 25 सितंबर 2025 तक बनाये रखा गया. इसके लिए राज्यपाल से अनुमति नहीं ली गयी. न ही विश्वविद्यालय ने 27 जून 2025 के बाद डॉक्टर मिश्रा को रजिस्ट्रार बनाया रखने के लिए राज्यपाल सचिवालय से पत्राचार भी नहीं किया.

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