24 घंटे में दो घरों के चिराग बुझ गए: कहीं बेटे ने फंदा लगाया, कहीं बहू ने…

  • रेहला क्षेत्र में मातम

विश्रामपुर (पलामू)

रेहला थाना क्षेत्र में महज 24 घंटे के भीतर घटी दो आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक घर में जवान बेटे की मौत से मातम पसरा है, तो दूसरे घर में विवाहिता की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार दो घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

पहली घटना रेहला थाना क्षेत्र के उरसुला गांव की है। यहां स्वर्गीय ब्रह्मदेव राम के 21 वर्षीय पुत्र प्रत्यूष कोमल कुमार उर्फ नन्हकू ने गुरुवार सुबह अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि प्रत्यूष पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। घर के लोगों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह तनाव इतनी बड़ी त्रासदी का रूप ले लेगा। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही रेहला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच भेज दिया। थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

इधर घटना की जानकारी मिलते ही क्षत्रपति फाउंडेशन के सचिव गोपाल राम मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया।

उधर, दूसरी घटना ने भी लोगों को स्तब्ध कर दिया। रेहला थाना क्षेत्र के ही डिहरिया गांव में शमसुद्दीन अंसारी की पत्नी सबीना खातून (26) ने शुक्रवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि सुबह करीब साढ़े दस बजे घटना की जानकारी पुलिस को मिली।

परिजनों ने सबीना खातून को फंदे से उतारकर आनन-फानन में विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर एमएमसीएच भेज दिया।

थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

दो अलग-अलग घरों में घटी इन दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। गांवों में हर जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जिसने दो जिंदगियों को यूं अचानक खत्म कर दिया।

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