सतबरवा (पलामू)
प्रखंड क्षेत्र के बोहिता गांव के पोखर पार टोला में आयोजित एक शादी समारोह का सामूहिक भोज ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया। भोज के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका से करीब 100 ग्रामीण बीमार पड़ गए। बीमारियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर और लेस्लीगंज अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पोखर पार टोला निवासी हरिशंकर चंद्रवंशी के पुत्र के विवाह समारोह के अवसर पर बुधवार को ग्रामीणों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया था। भोज में पूड़ी, सब्जी और बुंदिया परोसी गई थी। देर रात से ही कई लोगों को उल्टी-दस्त और लूज मोशन की शिकायत होने लगी। सुबह तक दर्जनों लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही लेस्लीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम प्रभारी डॉ. राजीव रंजन के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और तत्काल गांव में मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों का इलाज शुरू किया। कई मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर हालत वाले 10 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
इधर सूचना मिलने पर पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव भी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि शादी समारोह में किए गए भोज के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका से लोग बीमार हुए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अधिकांश मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी गांव पहुंचे और बीमार ग्रामीणों के इलाज में सहयोग किया। इनमें राज्य स्तरीय दिशा समिति के सदस्य अवधेश सिंह चेरो, जिला परिषद सदस्य सुधा कुमारी के पति सह विधायक प्रतिनिधि अजय उरांव, महेश यादव, उप प्रमुख कामाख्या नारायण यादव, प्रखंड प्रमुख रीमा देवी के पति युगल किशोर राम, सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि मनोज गुप्ता, धीरज कुमार, अनुज चंद्रवंशी, रिंकी यादव, विजय पाठक, सोनू सिकंदर, वकील सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
बीमार होने वालों में जसोदा देवी, अंकुश कुमार (6 वर्ष), रोशन कुमार (10 वर्ष), नागेंद्र सिंह, धनवंती कुमारी, श्रीमती कुमारी, सनी भुइया (13 वर्ष), टिंकु कुमार, चांदनी कुमारी (8 वर्ष), लक्ष्मी कुमारी (9 वर्ष), मनोज कुमार सिंह (38 वर्ष) सहित लगभग 100 ग्रामीण शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप कर मरीजों का इलाज कर रही है तथा पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है

