मेदिनीनगर (पलामू)
झालसा के दिशा निर्देश पर व पलामू के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री राम शर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को एम के डी ए वी पब्लिक स्कूल चियांकी में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण, पोक्सो एक्ट व पोस एक्ट के बारे में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।। कार्यक्रम में ,एम के डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल इंद्राणी चटर्जी ने डालसा सचिव को व राकेश रंजन व एलएडीसी के डिप्टी चीफ को पौधा भेटकर किया। मंच का संचालन शिक्षिका मीनाक्षी कुमारी ने किया इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने कहा कि घरेलू हिंसा के प्रति महिलाओं में जागरुकता जरूरी है ।उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 बनाया गया हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी तरह के घरेलू हिंसा जिसमें शारीरिक , भावनात्मक मौखिक और आर्थिक शोषण शामिल है से बचने के लिए एक महत्वपूर्ण कानून है ,जो उन्हें संयुक्त घर में रहने का अधिकार देता है ।उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत मजिस्ट्रेट के माध्यम से भरण पोषण जैसे तत्काल राहत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि घरेलू दायरे में हिंसा को घरेलू हिंसा कहते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला निवास, संरक्षण भरण पोषण, कस्टडी को लेकर सक्षम मजिस्ट्रेट के यहां शिकायत कर सकती है।उन्होंने पोस एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी महिला को वैसा कार्य जो अच्छा नही लग रहा है वह पोस के अंतर्गत आता है।किसी महिला को कार्यस्थल पर प्रलोभन व धमकी दिया जाना भी इस एक्ट के अंतर्गत आता हैं। उन्होंने पोक्सो एक्ट के बारे में कहा कि इसके अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे आते हैं।इसके सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट होता हैं।उन्होंने कहा कि पोक्सो से पीड़ित बालिका को कोई फोटोग्राफी व नाम उजागर नही किया जा सकता।उन्होंने कहा कि पोक्सो का मामला देखने के लिए सभी थाना में स्पेशल जुबेनाइल पुलिस थाना में नियुक्त है।जो बिना पुलिस वर्दी के रहते हैं तथा फ्रेंडली बच्चे से पूछताछ करते हैं।उन्होंने विक्टिम कम्पनशेषन के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित या उसके परिजन डालसा में पमुवावजा के लिए आवेदन कर सकते हैं।घटना के प्रकृति के आधार पर मुवावजा दिया जाता हैं।इस मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा की घरेलू दायरे में हिंसा को ही घरेलू हिंसा कहते है।उन्होंने कहा कि हिंसा केवल महिलाओं को ही चोट नही पहुचाती है यह उनके बच्चों व पूरे समाज को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि धारा 18 के अंतर्गत सुरक्षा का आदेश 17 व 19 में आवास व 20 व 22 में आर्थिक सहायता का प्रावधान हैं। घरेलू हिंसा के तहत महिला को 60 दिनों के भीतर राहत दिया जाता है।उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला को डालसा के माध्यम से फ्री लीगल एड दिया जाता हैं। जिसके तहत केस लड़ने के लिए मुफ्त में वकील मुहैया कराया जाता है ।इस मौके पर उन्होंने पोक्सो अधिनियम और पोस अधिनियम के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। मौके पर एम के डी ए वी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल इंद्राणी चटर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया व कहा कि हम सुरक्षित रहे व दूसरे का भी सुरक्षा का खयाल रखें।उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से शिक्षक छात्र में काफी जागरूकता आता हैं। जागरूकता से ही सशक्त बन सकते है।इस मौके पर शिक्षक, आलोक कुमार ,नीरज कुमार श्रीवास्तव, आरएस यादव, शीला कुमारी ,रिचा गुप्ता ,दीप्ति पांडे ,शोभा कुमारी, प्रीति कुमारी, करण सिंह, सी पांडे ,जितेंद्र कुमार तिवारी ,नीरज कुमार सिन्हा समेत दर्जनों शिक्षक पीएलवी विनय प्रसाद थे।

