बारियातू (लातेहार)
बारियातू प्रखंड मुख्यालय स्थित बाजारटांड़ के महावीर मंदिर में मंगलवार को विधि-विधान के साथ बजरंगबली की शिला की पुनः स्थापना की गई। शिला को स्थापित करने से पूर्व दर्जनों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के दौरान चमत्कार का अनुभव किया। महावीर मंदिर के पुजारी काशीनाथ वैद्य ने हाथ जोड़कर बजरंगबली से प्रार्थना करते हुए कहा कि हे बजरंगबली, अब हम आपको आपके पुराने स्थान पर ले जाना चाहते हैं, इसकी अनुमति प्रदान करें। श्रद्धालुओं के अनुसार, पुजारी की वाणी समाप्त होते ही बजरंगबली को चढ़ाया गया फूल नीचे गिर गया। इसे श्रद्धालुओं ने बजरंगबली का संकेत मानकर जयकारे लगाए।
ज्ञात हो कि महावीर मंदिर के जर्जर होने के कारण करीब तीन वर्ष पूर्व बजरंगबली की शिला को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रीराम मंदिर परिसर में स्थापित किया गया था। महावीर मंदिर का नव निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंगलवार को शिला को पुनः उसके मूल स्थान पर स्थापित किया गया।
पंडित जनार्दन पांडेय एवं महावीर मंदिर के पुजारी काशीनाथ वैद्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इसके बाद श्रद्धालु बजरंगबली की शिला को अपने कंधों पर रखकर श्रीराम मंदिर परिसर से महावीर मंदिर तक गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़े के साथ पहुंचे। इस दौरान पूरा क्षेत्र बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने ‘बजरंगबली की जय’, ‘पवनसुत हनुमान की जय’, ‘राम-लखन-जानकी, जय बोलो हनुमान की’, ‘बोलो प्यारे जय बजरंगी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष किए। महावीर मंदिर पहुंचने के बाद पूर्व में स्थापित स्थान पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बजरंगबली की शिला को नव निर्मित मंदिर में स्थापित किया गया।
मौके पर श्रीराम मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम शर्मा, पवन कुमार, माधव प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद, अरविंद कुमार, गुडूल कुमार, रीगन कुमार, संजय प्रसाद, राकेश प्रसाद, रितलाल राणा, लोकनाथ यादव, घमन यादव, अमित कुमार, बजरंग प्रसाद, मदन प्रसाद, देवकी प्रजापति, यूगल किशोर विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

