पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा ,रविवार की देर रात जामताड़ा में मुठभेड़ में ढेर

धनबाद (झारखंड)

कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसे साहिबगंज जेल से धनबाद ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की।
उसे साहिबगंज जेल से धनबाद मंडल कारा में शिफ्ट करने के लिए लाया जा रहा था । उसने
पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की।
रविवार की देर रात जामताड़ा में मुठभेड़ में ढेर हो गया। वह झारखंड के अपराध जगत का बड़ा नाम था। उसपर 60 से अधिक हत्या, रंगदारी, भयादोहन, आगजनी आदि से जुड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब साहिबगंज मंडल कारा से कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी वैन से उसे धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था। साहिबगंज से धनबाद ले जाने के क्रम में जैसे ही कैदी वैन जामताड़ा जिला सीमा में दाखिल हुई, सुजीत सिन्हा ने सुरक्षाकर्मियों से लघुशंका जाने की बात कही।

वाहन रुकते ही उसने मौका पाकर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर उसका हथियार छीन लिया और खेतों की तरफ भागते हुए पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एस्कॉर्ट टीम ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोलियां लगने से सुजीत सिन्हा मौके पर ही ढेर हो गया।

उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से झारखंड जेल प्रशासन ने 9 अक्टूबर 2025 को सुजीत सिन्हा को मेदिनीनगर केंद्रीय कारा से साहिबगंज मंडल कारा स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया था।

पलामू पुलिस और मेदिनीनगर जेल अधीक्षक की विशेष रिपोर्ट के आधार पर जेल आईजी ने यह कदम उठाया था। पलामू में उसका गृह क्षेत्र होने के कारण जेल के अंदर से ही आपराधिक गतिविधियों के संचालन की आशंका थी।

6 जिलों में फैला था साम्राज्य, पलामू में दर्ज थे 20 से अधिक मामले

मेदिनीनगर शहर के रेडमा निवासी सुजीत सिन्हा पर रांची, हजारीबाग, लातेहार, चतरा, रामगढ़ और पलामू सहित विभिन्न जिलों के थानों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें मुख्य रूप से रंगदारी व लेवी: कोयलांचल व कंस्ट्रक्शन कंपनियों से रंगदारी वसूली शामिल है।

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