बारियातू (लातेहार)
बारियातू अंचलाधिकारी कोकिला कुमारी की कार्यशैली के विरोध में क्षेत्र के चौकीदारों ने मोर्चा खोल दिया है। चौकीदारों ने सीओ पर मानसिक प्रताड़ना, हाजिरी काटकर वेतन में कटौती करने तथा जबरन ड्यूटी कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर चौकीदारों ने पूर्व में थाना, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा विधायक के जनता दरबार में आवेदन देकर न्याय की मांग की थी।
चौकीदारों का कहना है कि थाना से नियमित रूप से उनकी उपस्थिति पंजी अंचल कार्यालय भेजी जाती है। इसके बावजूद उनकी हाजिरी काट दी जाती है, जिससे वेतन में कटौती हो रही है। उनका आरोप है कि थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, अफीम-पोस्ता उन्मूलन, नोटिस तामिला समेत अन्य दायित्वों के अतिरिक्त अंचल कार्यालय में भी लगातार ड्यूटी करने का दबाव बनाया जाता है।
चौकीदारों ने बताया कि अंचल कार्यालय में ड्यूटी नहीं करने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाता है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वेतन से संबंधित रिपोर्ट तैयार कराने के दौरान अंचल कार्यालय के एक कर्मी द्वारा चार हजार रुपये की मांग की जाती है। हालांकि, संबंधित कर्मी ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।
चौकीदार संघ का कहना है कि पहले से ही एक चौकीदार की प्रतिनियुक्ति अंचल कार्यालय में की गई है, इसके बावजूद अन्य चौकीदारों से भी लगातार ड्यूटी ली जा रही है। रमेश पासवान, कमल राम, विकास कुमार, गणेश मांझी, अरुण कुमार, समेल उरांव एवं पिंटू उरांव समेत अन्य चौकीदारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
विधायक के जनता दरबार में आवेदन देने के बाद चौकीदारों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भी स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन भेजा है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में अंचल कर्मी कपिल देव सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी भी चौकीदार से पैसे की मांग नहीं की है। वहीं अंचलाधिकारी कोकिला कुमारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी भी कर्मचारी को किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी जाती है।

