विश्व मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन दिवस के अवसर पर सदर प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम एवं दिव्यांगजन सहायता शिविर का आयोजन

मेदिनीनगर (पलामू)

दिनांक 01 जून 2026 को सदर प्रखंड, डालटनगंज में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्रीमती सुलोचना मीणा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किशोरियों, महिलाओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में एसडीओ सदर श्रीमती सुलोचना मीणा ने किशोरियों को मासिक धर्म के महत्व, इसके दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छता संबंधी सावधानियों एवं संतुलित आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक प्राकृतिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू सृष्टि की निरंतरता एवं नई पीढ़ी के निर्माण से जुड़ा है। उन्होंने किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान नियमित साफ-सफाई रखने तथा सेनेटरी पैड का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया”, इसलिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान एसडीओ महोदया द्वारा किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता किट का वितरण किया गया। साथ ही गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें लाभुक महिलाओं एवं बच्चों को सम्मानित किया गया।

इसी अवसर पर राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं दिव्यांगजन सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत एसडीओ महोदया द्वारा 19 दिव्यांगजनों के बीच बैटरी चालित व्हीलचेयर का वितरण किया गया। वहीं एएलआईएमको (ALIMCO) द्वारा आयोजित प्रखंड स्तरीय दिव्यांग मूल्यांकन शिविर के माध्यम से चयनित 86 दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण एवं दिव्यांग यंत्रों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एसडीओ महोदया ने आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा तैयार किए गए पौष्टिक व्यंजनों के स्टॉल का निरीक्षण किया तथा विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखकर उनकी सराहना की।

इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पलामू श्रीमती नीता चौहान ने कहा कि पहली माहवारी (Menarche) से लेकर रजोनिवृत्ति (Menopause) तक मासिक धर्म प्रबंधन महिलाओं एवं किशोरियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सुरक्षित निपटान की जानकारी प्रत्येक किशोरी एवं महिला तक पहुंचाना आवश्यक है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने आगे कहा कि मासिक धर्म से जुड़े अनुभवों को सकारात्मक एवं सहज बनाने में जीवन कौशल शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे किशोरियों एवं महिलाओं को चुप्पी तोड़ने, अपने विचार खुलकर रखने तथा सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी मिथकों से बाहर निकलने में सहायता मिलती है।

कार्यक्रम में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु विशेष एनीमिया एवं रक्त जांच शिविर का आयोजन भी किया गया, जिससे महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श एवं जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख श्रीमती बसंती देवी, बी.पी.एम., जेएसएलपीएस, आंगनबाड़ी सेविकाएं, महिला पर्यवेक्षिकाएं तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे एवं अपने विचारों एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम को सफल बनाया।

यह कार्यक्रम महिलाओं एवं किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य संबंधी मिथकों को दूर करने तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

Leave a Reply