मेदिनीनगर (पलामू)
आज समाहरणालय सभागार में माननीय सांसद, पलामू श्री विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में District Development Coordination and Monitoring Committee (DDCMC) “DISHA” की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में माननीय अध्यक्ष ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को आकांक्षी जिला से सैचुरेटेड जिला के रूप में परिवर्तित करने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
बैठक के दौरान माननीय अध्यक्ष द्वारा विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उन्होंने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप एवं अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन एवं तथ्यपरक बनाया जाए।
माननीय अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति द्वारा विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है, वहां अति शीघ्र आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही न बरती जाए। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त, पलामू को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं मुद्रा योजना के अंतर्गत प्रगति की समीक्षा के दौरान माननीय अध्यक्ष ने अत्यंत कम उपलब्धि पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभुकों का पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई देना चाहिए तथा अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई भी योजना लंबित नहीं रहनी चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आवास निर्माण की समीक्षा के क्रम में माननीय अध्यक्ष ने कहा कि कई स्थानों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि चयनित लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन लाभुकों का चयन हो चुका है, उनके भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।
भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की समीक्षा अलग से करने हेतु उपायुक्त को निर्देशित किया गया।
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग एवं नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय अध्यक्ष ने कहा कि एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे लंबित रखना उचित नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के माध्यम से जांच कराई जाए।
भवन निर्माण विभाग एवं झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रगति असंतोषजनक पाई गई। इस पर संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि सभी कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई मामलों में किरायेदार एवं मकान मालिक के बीच बिजली बिल भुगतान हेतु लिखित समझौता (एग्रीमेंट) होने के बावजूद भी, प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में वास्तविक दोषी पर कार्रवाई करने के बजाय मकान मालिक के विरुद्ध ही प्राथमिकी दर्ज कर दी जा रही है। इस पर माननीय अध्यक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि जो भी दोषी हो, उसी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा इस प्रकार की विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा में धान अधिप्राप्ति (Procurement) के मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को उनके बकाया भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। अधिक अधिप्राप्ति की स्थिति में संबंधितों से कारण पूछते हुए उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं की लाभुक सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए तथा भविष्य में किसी भी योजना का लाभ देने से पूर्व उन्हें सूचित किया जाए।
शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि कार्य की प्रगति में तेजी लाई जाए, क्योंकि वर्तमान प्रगति संतोषजनक नहीं है।
समीक्षा के दौरान वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पूर्व उसकी प्रासंगिकता, उपयोगिता एवं समयबद्धता का मूल्यांकन करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निर्माण कार्यों के दौरान ही नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्य डीपीआर के अनुरूप संपादित हो सके।
अंत में माननीय अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गंभीरता के साथ कार्य करें तथा अगली बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में उपरोक्त के अलावा, डालटनगंज विधायक श्री आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक श्री नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

