बेतला (बरवाडीह)
केचकी स्थित देनदाहा तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तालाब के बांध मरम्मत और पिचिंग कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। आधा-अधूरा काम छोड़कर ही पिचिंग की जा रही है और उसमें भी मृत पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बांध की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि देनदाहा तालाब में आसपास के करीब नौ गांवों का पानी आकर जमा होता है। ऐसे में यदि कमजोर निर्माण सामग्री से बांध तैयार किया गया तो भविष्य में बांध टूटने की आशंका बढ़ जाएगी। बांध टूटने की स्थिति में हड़पड़वा पेट्रोल पंप, केचकी रेलवे स्टेशन, पहाड़ी टोली, कंचनपुर, केचकी सहित लगभग सात गांवों में जलभराव और भारी नुकसान की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि योजना स्थल पर किसी प्रकार का योजना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की लागत, संवेदक का नाम और कार्य अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। इससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। निर्माण कार्य करा रहे मुंशी ने पूछे जाने पर बताया कि वे संवेदक के निर्देश पर ही काम करा रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है और नियमों की अनदेखी की जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह लापरवाही कई गांवों के लिए बड़ी आपदा बन सकती है।

