बालक के कस्टडी का विवाद मध्यस्तता से सुलझा

मेदिनीनगर (पलामू)

बालक को कस्टडी देने से संबंधित शिकायत को ले बालक के पिता ने उपायुक्त पलामू को शिकायती आवेदन देकर बालक को नाना नानी के पास से दिलाने का आग्रह किया था। उपायुक्त पलामू समीरा एस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत पत्र को बाल कल्याण समिति को प्रेषित कर त्वरित करवाई का निर्देश दिया था। बिदित हो कि बालक के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी सास व उसकी पत्नी का मामा के द्वारा उनके नाबालिक पुत्र को जबरन अपने पास रखा गया है । वे लोग उनके पुत्र को उन्हें सौंपने के लिए तैयार नहीं है ।बाल कल्याण समिति ने मामले में संज्ञान लिया और सदर थाना प्रभारी को आदेश दिया कि बालक और रेस्क्यू कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करें ।बालक को उनकी नानी ने समिति के समक्ष प्रस्तुत किया । उनके साथ बालक की माता के मामा भी समिति के समक्ष उपस्थित हुए ।बालक के पिता और दादा भी समिति समक्ष उपस्थित हुए ।मामले की सुनवाई किया गया।बिदित हो कि बालक की माता बीमार थी व उसका देहांत तीन माह पूर्व हुआ है तब से बालक अपने नानी नाना के साथ ग्राम पोखराहा में रहता है ।बालक के पिता व दादा दिल्ली में रहते हैं ।जबकि वे लोग सतबरवा के मूल निवासी हैं। विवाद का कारण उक्त बालक के कस्टडी है। बालक के पिता बालक को अपने साथ रखना चाहते हैं। जबकि उसके नानी नाना अपने साथ रखना चाहते हैं ।समिति ने निर्णय लिया कि इस मामले को मध्यस्थ के माध्यम से सुलझाया जाए। पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन से अनुरोध किया गया कि वह इस मामले को मध्यस्थ के लिए मध्यस्थ नियुक्त करें।डालसा सचिव के द्वारा इस मामले में बीना मिश्रा को मध्यस्थ नियुक्त किया गया। उन्हें बाल कल्याण समिति पलामू कार्यालय भेजा गया। मध्यस्थ बीना मिश्रा के द्वारा दोनों पक्षों का मेडिसिन किया गया ।मध्यस्थता में यह तय हुआ कि अभी तीन माह बालक नाना नानी के घर रहेगा इसके बाद वह पिता के पास रहेगा ।मध्यस्थता सफल रहा।इस तरह बालक के कस्टडी का विवाद सुलझा दिया गया।

Leave a Reply