मेदिनीनगर (पलामू)
पलामू मेंनवनियुक्त सहायक आचार्य की पदस्थापना का मामला गर्म है. पदस्थापना पाने वाले शिक्षकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. इसमें सुधार की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. इधर झारोटेफ के पलामू जिला अध्यक्ष मनोज मेहता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि
क्रिसमस से पहले नवनियुक्त सहायक आचार्य की पदस्थापना में जिला प्रशासन सुधार नहीं किया गया तो होगा जनवरी 2026 माह से चरणबद्ध आंदोलन किया जाऐगा। उन्होने कहा कि रैंडमली पदस्थापन से पलामू जिले के 700 शिक्षकों को काफी परेशानी की सामना करना पड़ रहा है। लोग नौकरी छोड़ने के लिए विवश हो रहे है।
जब सरकार ने 2002 में ही शिक्षकों को गृह प्रखंड में पदस्थापन का नियम बना रखी है तो फिर जिले में कही भी पोस्टिंग का क्या औचित्य है। राज्य के करीब 5 जिले SOP बनाकर पोस्टिंग किया बगल में गढ़वा में शिक्षकों से अधीक्षा लेकर पोस्टिंग किया गया। पलामू में ऐसा क्या बात है कि शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
ये कही न कही जानबूझकर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। एक ओर सरकार बेरोजगारों को नौकरी दे रही है दूसरी ओर जिला प्रशासन लोगों को नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर रही है। ऐसे भी शिक्षकों को तबादला नहीं होता है। एक ही विद्यालय से शिक्षक रिटायर्ड हो जाते है, अगर कोई शिक्षक का पोस्टिंग जंगल ने हो गया तो पूरी सेवा उसे जंगल में ही देना पड़ता है। आज महिला दिव्यांग असाध्य रोग से पीड़ित व्यक्ति रोते बिलखते DSE कार्यालय के आस पास दिखा रहे है। सहायक आचार्य के रूप में 50 प्रतिशत पारा शिक्षक की नियुक्ति हुई है जिसमें 70 प्रतिशत पारा शिक्षक की सेवा 5 वर्ष से कम है। ऐसे में नौकरी के नाम पर सजा दिया जा रहा है।
मैं उपयुक्त पलामू से विनम्रता पूर्वक निवेदन करता हूँ कि बड़ा दिल दिखाते हुए शिक्षकों को गृह प्रखंड में SOP बनाकर स्थापना में सुधार करते हुए पदस्थापना करने की कृपा की जाए। ऐसे पुनीत कार्य से सैकड़ों शिक्षक जीवन भर आपका कृतज्ञ रहेंगे।
अगर क्रिसमस तक पदस्थापना में सुधार नहीं होगा तो जनवरी माह से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

