पांच महीने से अनुदान भुगतान लंबित रहने पर लोक भवन सख्त, एपी सिंह कॉलेज जपला समेत छह महाविद्यालयों को मिलेगा लाभ
मेदिनीनगर (पलामू)
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, पलामू के अंतर्गत आने वाले विभिन्न महाविद्यालयों को अनुदान राशि उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर राज्यपाल सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्यपाल सह कुलाधिपति के निर्देश पर अवर सचिव संजय कुमार ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र जारी कर सभी संबंधित महाविद्यालयों को सात दिनों के भीतर अनुदान राशि वितरित करने तथा कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
राज्यपाल सचिवालय से 29 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को ही अनुदान राशि आवंटन के लिए स्वीकृति आदेश निर्गत कर दिया गया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संबंधित महाविद्यालयों को अब तक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। पत्र में इस देरी के लिए विश्विद्यालय द्वारा महाविद्यालयों को जिम्मेदार बताते हुए कहा गया है कि लोक भवन द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगाने से पूर्व लगभग पांच महीने का समय मिलने के बावजूद विश्वविद्यालय आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका। इसे लापरवाही और अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता का संकेत बताया गया है।
राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि संबंधित सभी महाविद्यालयों को सात दिनों के अंदर अनुदान राशि का वितरण सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के स्वीकृति आदेश के अनुरूप भुगतान करने को कहा गया है।
इस आदेश से पलामू और आसपास के क्षेत्रों के महाविद्यालयों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अनुदान पाने वाले संस्थानों में एके सिंह कॉलेज, जपला (पलामू), गोपीनाथ सिंह महिला महाविद्यालय, गढ़वा, सूरत पांडेय डिग्री कॉलेज, गढ़वा, बोकारो स्टील माइंस महाविद्यालय, भवनाथपुर, बनवारी साहू महाविद्यालय, लातेहार तथा मजदूर किसान महाविद्यालय, पांकी (पलामू) शामिल हैं।
राज्यपाल सचिवालय के इस कड़े निर्देश के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनुदान राशि का वितरण करने का दबाव बढ़ गया है। महाविद्यालयों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित अनुदान भुगतान की प्रक्रिया अब शीघ्र पूरी होगी।

