नावाबाजार (पलामू)
बसना गांव की घटना से सनसनी, महिला की बरामदगी की मांग को लेकर सुबह पांच बजे सड़क पर उतरे ग्रामीण; दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार, एसडीपीओ समेत कई थानों की पुलिस पहुंची
पलामू जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र के बसना गांव में बुधवार को एक महिला का शव घर के बगल स्थित धान के खेत से बरामद किया गया। महिला मंगलवार रात दुर्गापूजा पंडाल देखने निकली थी। इसके बाद उसके कथित अपहरण की आशंका को लेकर परिजन और ग्रामीण परेशान थे। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच 39 जाम कर दिया। सुबह पांच बजे से आठ बजे तक पहली बार सड़क जाम रही। पुलिस के समझाने पर जाम हटाया गया, लेकिन सुबह करीब 10 बजे आक्रोशित लोग फिर सड़क पर उतर आए। इससे पड़वा मोड़ से गढ़वा रोड तक आवागमन बाधित हुआ और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
परिजनों के अनुसार, 35 वर्षीय महिला मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे दुर्गापूजा पंडाल देखने निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान उसे एक कार से ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि महिला ने शोर भी मचाया था। वह स्वास्थ्य सहिया के रूप में कार्यरत थी और घटना के समय उसका मोबाइल फोन घर पर ही था। परिजनों ने राजहरा के एक युवक की कथित संलिप्तता की आशंका जताई है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
महिला का शव घर के बगल स्थित धान के खेत से मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने सुबह पांच बजे एनएच 39 जाम कर दिया। इससे पड़वा मोड़ से गढ़वा रोड तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क के दोनों ओर छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर नावाबाजार थाना प्रभारी संजय यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर जाम हटवाने का प्रयास किया। उनके प्रयास से सुबह करीब आठ बजे पहली बार जाम हटाया गया और आवागमन बहाल हुआ।
पहली बार जाम हटने के करीब दो घंटे बाद सुबह 10 बजे आक्रोशित ग्रामीण एक बार फिर सड़क पर उतर आए और एनएच 39 जाम कर दिया। इससे यातायात दोबारा बाधित हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल बसना पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया तथा मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
मौके पर नावाबाजार थाना प्रभारी संजय यादव, विश्रामपुर थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी मृत्युंजय गोप, थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे और नौगढ़ा ओपी प्रभारी सुशील उरांव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटाने और यातायात बहाल कराने के प्रयास में जुटे रहे।
एनएच 39 पर बार बार जाम लगने से सड़क के दोनों ओर छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निकले यात्रियों और वाहन चालकों को सड़क पर रुकना पड़ा। यातायात बाधित होने से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों के आक्रोश और बार बार सड़क जाम होने से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसे कार से ले जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है और परिजनों द्वारा संदिग्ध युवक के संबंध में जताई गई आशंका का आधार क्या है इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल मौत के कारण और कथित अपहरण से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।

