बिना तिलक-दहेज और जातिगत भेदभाव के विवाह को बताया सामाजिक बदलाव की पहल
मेदिनीनगर (पलामू)
शहर के नई मोहल्ला स्थित आनंद मार्ग जागृति में रविवार की रात आनंद मार्ग पद्धति से अंतर्जातीय विवाह संपन्न हुआ। विवाह की खास बात रही कि इसमें न तिलक-दहेज लिया गया और न ही जातिगत भेदभाव को स्थान दिया गया। विवाह की रस्मों में महिला पुरोहित ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेदिनीनगर के बारालोटा बाईपास रोड निवासी हीरालाल देव एवं उर्मिला देवी के पुत्र राहुल कुमार देव का विवाह बिहार के खगड़िया जिले के बन्नी निवासी अरविंद कुमार देव एवं नूतन देवी की पुत्री पुष्पा कुमारी के साथ हुआ। वर पक्ष की ओर से आचार्य कृष्णकमलानन्द अवधूत तथा वधू पक्ष की ओर से अवधूतिका आनन्द कृतिमाया आचार्या ने विवाह की रस्में संपन्न कराईं।
तिलक-दहेज और जातिगत भेदभाव के खिलाफ संदेश
अवधूतिका आनन्द कृतिमाया आचार्या ने कहा कि आनंद मार्ग में जाति, संप्रदाय और तिलक-दहेज से मुक्त क्रांतिकारी विवाह को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विवाह के साथ-साथ दाह संस्कार और श्राद्ध जैसे कर्मकांड संपन्न कराने का भी समान अधिकार मिलना चाहिए। महिला और पुरुष को मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक विकास के समान अवसर मिलने जरूरी हैं।
आनंदमार्गी श्री बैद्यनाथ ने कहा कि सभी दिन और समय परमात्मा की बनाई हुई व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसलिए विवाह के लिए किसी खास दिन या समय को ही शुभ मानने की धारणा से बाहर निकलने की जरूरत है। उन्होंने नारी और पुरुष को समान अधिकार दिए जाने पर जोर दिया।
विवाह समारोह में भुक्तिप्रधान मधेश्वर साह, अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह, विश्वनाथ सिंह, मणिकांत, गोपाल, अरविंद, रामस्वरूप, सरोज, प्रदीप, दीपक, नंदलाल, चंदन, पन्नालाल, पूनम, रेनू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

