जी.एल.ए. कॉलेज में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन, अंधविश्वास व अशिक्षा के विरुद्ध आवाज उठाने की जरूरत , सचिव

लीगल का बेसिक ज्ञान होना विद्यार्थियों को जरूरी

मेदिनीनगर (पलामू)

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा महाविद्यालय के वर्चुअल क्लासरूम में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा विधिक सहायता संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) जसबीर बग्गा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) जसबीर बग्गा ने कहा कि विधिक जागरूकता प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून की जानकारी प्राप्त कर अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षित समाज वही है जो अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर समाज में न्याय, समानता एवं संवैधानिक संस्कृति को मजबूत करने का संदेश दिया।साथ ही उन्होंने अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता राकेश रंजन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांगजनों तथा अन्य पात्र व्यक्तियों के अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार तथा लोक अदालत की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानूनी जानकारी को अपने परिवार एवं समाज तक पहुँचाकर जागरूक नागरिक बनने में योगदान दें।उन्होंने कहा कि सोसल जस्टिस का अर्थ घर घर तक न्याय पहुचाना हैं।उन्होंने कहा कि न्याय पाने में गरीबी बाधक नही बने इसके लिए डालसा से जरूरत मन्द को न्याय दिलाने में मदद किया जाता हैं।लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि डालसा के माध्यम से गांव गांव तक लोगों को सुलभ न्याय पहुचाया जा रहा है।चलंत लोक अदालत व डोर टू डोर के माध्यम से पीएलवी समाज के अंतिम ब्यक्ति तक पहुँच कर लोगो को डालसा द्वारा प्रदत्त सेवा व सुबिधा व केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि गरीब अमीर सबको एक समान न्याय मिले इसके लिए डालसा काम कर रहा है।उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक होंगे तभी सोशल जस्टिस हो सकता हैं।उन्होंने कहा कि हमे वैसा कोई काम नही करना चाहिए जो विधि बिरुद्ध हो।इस मौके पर
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों से समाज में विधिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संजय बाड़ा ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ लीना कुमारी, डॉ विभा शंकर, डॉ कुंदन कुमार, विकास तोपनो, अयाना एम एस, अरुणा खाखा, डॉ नीलम पांडे, शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, बीएड विभाग के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।

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