मेदिनीनगर (पलामू)
जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाडीह तेनार गांव में अंधविश्वास के चलते एक व्यक्ति की नृशंस हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापामारी जारी है।
घटना की जानकारी
24 दिसंबर 2025 को चौकीदार रविन्द्र पासवान ने लेस्लीगंज थाना को सूचना दी थी। सूचना में बताया गया कि नावाडीह तेनार गांव निवासी पच्चु मोची का शव डबरा जंगल में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही लेस्लीगंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचा, जहां पाया गया कि पच्चु मोची की बेहद निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या की गई है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, डालटनगंज भेज दिया। शुरुआती दौर में मृतक के परिजन आवेदन देने से कतराते रहे, जिसके बाद चौकीदार के लिखित आवेदन पर लेस्लीगंज थाना कांड संख्या-181/2025 दिनांक 26.12.2025 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1)/238(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
जांच के क्रम में पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। करीब तीन महीने पहले पच्चु मोची के 4,500 रुपये गुम हो गए थे, जिसके बाद उसने अपने घर का देवता हटा दिया था। इसी दौरान उसके गोतिया धनंजय रविदास के घर में उसकी मां और भाई की मृत्यु हो गई, वहीं दोनों परिवारों के बच्चों के अक्सर बीमार रहने की घटनाएं सामने आती रहीं। परिवार वालों ने इन सभी घटनाओं के लिए पच्चु मोची को जिम्मेदार ठहराया। बताया गया कि पच्चु मोची ओझा-गुणी (भगत) का काम करता था। इसी अंधविश्वास में धनंजय रविदास और बब्लू मोची ने पच्चु मोची की हत्या कराने की साजिश रच डाली।

