- प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में तीन ट्रैक्टर जब्त, खनन निरीक्षक शुभम कुमार का कड़ा संदेश
विश्रामपुर (पलामू )
गुरुवार की सुबह अभी पूरी तरह उजाला भी नहीं फैला था। रेहला कोयल नदी का इलाका रोज की तरह बालू माफियाओं की हलचल से जाग चुका था। नदी के सीने को चीरकर अवैध तरीके से बालू निकाला जा रहा था और ट्रैक्टरों पर तेजी से लोड किया जा रहा था। रात की खामोशी में ट्रैक्टरों की घरघराहट दूर तक गूंज रही थी, मानो अंधेरे की आड़ में कानून को खुली चुनौती दी जा रही हो।
लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग थी। अचानक नदी किनारे प्रशासनिक गाड़ियों की तेज हलचल दिखाई दी। देखते ही देखते मौके पर अफरा तफरी मच गई। कोई ट्रैक्टर मोड़कर भागने लगा, तो कोई अंधेरे का फायदा उठाकर बच निकलने की कोशिश करने लगा। बालू कारोबारियों को शायद अंदाजा नहीं था कि इस बार प्रशासन पूरी तैयारी और सख्त इरादे के साथ पहुंच चुका है।
जिला खनन निरीक्षक शुभम कुमार के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रेहला कोयल नदी में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
खनन निरीक्षक शुभम कुमार ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि
“कोयल नदी को लूटने वालों को अब किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। लगातार शिकायत मिल रही थी कि रात के अंधेरे में अवैध खनन और परिवहन का खेल चल रहा है। प्रशासन पूरी निगरानी कर रहा है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलेगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए तीनों ट्रैक्टरों को रेहला थाना पुलिस को सौंप दिया गया। रेहला थाना प्रभारी गुलशन बिरुवा ने बताया कि खनन विभाग द्वारा पकड़े गए वाहनों को थाना लाकर अग्रेतर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि रात के अंधेरे में कोयल नदी से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव किया जा रहा था। लेकिन गुरुवार की यह कार्रवाई बालू माफियाओं के लिए सीधे चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है।
कोयल नदी की शांत लहरें गुरुवार की सुबह बहुत कुछ देख रही थीं
भागते चेहरे, रुकते ट्रैक्टर और पहली बार बालू कारोबारियों के चेहरों पर साफ दिखाई देता डर।

