कानूनी साक्षरता से सशक्त होगा समाज: संतोष पांडेय । सुआ में निःशुल्क विधिक सहायता शिविर’ संपन्न

​मेदिनीनगर (पलामू)

समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भीष्म नारायण सिंह (B.N.S.) लॉ कॉलेज, मेदिनीनगर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (IQAC), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), पलामू व नयी संस्कृति सोसाइटी (NGO) के संयुक्त तत्वावधान में सुआ गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एलएडीसी के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय, बीएनएस लॉ कॉलेज के प्रचार्य पंकज कुमार, सुआ पंचायत की मुखिया दुलारी देवी,उप प्रमुख शीतल सिंह ,अधिवक्ता संजय पाण्डेय, उत्तम कुमार, व नई सोसायटी के सचिव अजित पाठक ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।इस मौके पर एल ए ड़ी सी के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि कानूनी साक्षरता से ही समाज सशक्त होगा।डालसा के माध्यम से लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराया जाता है।डालसा का उद्देश्य है कि कोई भी ब्यक्ति न्याय से बंचित नही रहे।न्याय सबको सरल सुलभ मिले इसके लिए कार्य किया जा रहा है।उन्होंने समाज के शोषित बर्ग को सुलभ न्याय पाने के गुर भी बताए।साथ ही डायन बिसाही,बाल विवाह, पीड़ित प्रतिकर अधिनियम, लोक अदालत,मध्यस्तता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के तहत उपलब्ध सुबिधा के बारे में बिस्तार से जानकारी दी।उन्होंने कहा कि पंचायत व थाने में पीएलवी को लोगो को मदद के लिए रखा गया हैं।
बीएनएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य पंकज कुमार
​ ने शिक्षा और कानून के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने, लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और कानून को किताबों से निकालकर जमीन पर उतारने का हमारा संकल्प है। एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना तभी संभव है जब अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी सचेत हो। ‘न्याय सबके लिए है’ और यह हमारी जिम्मेदारी है कि इसे हर व्यक्ति तक पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल एक सहायता नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए आशा की एक किरण है जो न्याय की राह देख रहे हैं।उन्होंने कहा कि सुआ गांव को ‘गोद’,लिया गया हैं व हमारे कालेज के छात्र नियमित सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि अब से प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को कॉलेज के प्रांगण में और बुधवार को पीएलवी के साथ मिलकर कानून के विद्यार्थी सुआ गांव का दौरा करेंगे और ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सलाह व सहायता प्रदान करेंगे। यह पहल अकादमिक ज्ञान और जमीनी हकीकत के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगी।इस मौके पर अधिवक्ता संजय पांडेय ने
​’भूमि विवाद’ पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि मौखिक बंटवारा अब कानूनी रूप से मान्य नहीं है। उन्होंने भविष्य की कानूनी उलझनों से बचने के लिए लिखित और प्रमाणित बंटवारे की सलाह दी। वहीं, एल ए ड़ी सी के असिस्टेंट उत्तम कुमार ने मौलिक अधिकारों पर जानकारी दी। कहा कि जरूरत पड़े तो कानून का सहारा ले ।उन्होंने कहा कि अत्याचार सहे नही व अत्याचार करे नही।
​वही सहायक प्रोफेसर शाइस्ता नाज़ (IQAC समन्वयक), चंद्रकला कुमारी और सुप्रिया दुबे ने महिलाओं व बच्चों से जुड़े कानूनों की सरल जानकारी साझा की। नयी संस्कृति सोसाइटी के सचिव अजीत कुमार पाठक और रिसोर्स पर्सन चंदा झा ने भी अपने विचार रखे।
​इस अवसर पर सुआ मुखिया दुलारी देवी, मुखिया पति उपाध्या सिंह, उप प्रमुख सीतल सिंह चेरो और पीएलवी बसंती कुमारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सहायक प्रोफेसर अपर्णा वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसके बाद “न्याय सबके लिए” के संकल्प के साथ शिविर संपन्न हुआ।

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