मेदिनीनगर (पलामू)
पलामू टाइगर रिजर्व (नॉर्थ) के छिपादोहर पश्चिमी वन क्षेत्र अंतर्गत लात गांव में सरहुल पर्व के शुभ अवसर पर वन विभाग द्वारा “परब भागीदारी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी डायरेक्टर श्री प्रजेश जेना ने किया, जबकि वन क्षेत्र पदाधिकारी श्री अजय टोप्पो एवं उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही।
सरहुल के पारंपरिक माहौल—मांदर की थाप, आदिवासी नृत्य और प्रकृति पूजा—के बीच ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता संदेश भी साझा किए गए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “बाघ देवता” की स्थापना रही, जो जंगल के प्रति आस्था और वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक बनकर उभरा।
“परब भागीदारी” पहल के माध्यम से वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय मजबूत करने का प्रयास किया गया, ताकि पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ जंगल और वन्यजीवों की रक्षा की जिम्मेदारी भी सामूहिक रूप से निभाई जा सके।
ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस पहल को अपनाते हुए यह संदेश दिया कि अब सरहुल केवल परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से भी गहराई से जुड़ा पर्व बन गया है।
“जंगल बचेगा, तभी हमारी संस्कृति और जीवन सुरक्षित रहेगा।” इस कार्यक्रम के अवसर प्रभारी वनपाल सरवन प्रसाद मुकेश मिंज रामकुमार वर्मा रजनीस सिंह ओमप्रकाश कुमार नवीण कुमार सभी वनरक्षि एवं टेकर गार्ड के साथ साथ गांव के ग्रामीण रहे उपस्थित।

