रांची (झारखंड)
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाने पर रोक के मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दल भाजपा ने इस फैसले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा, जबकि सत्तापक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमों और कानून का हवाला दिया।
सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने रामनवमी के जुलूसों में डीजे पर प्रतिबंध के मुद्दे को उठाया। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों पर अनावश्यक रोक लगाकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल गरमा गया और विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन में बढ़ा शोरगुल
भाजपा विधायकों के विरोध के दौरान वे आसन के सामने पहुंचकर नारे लगाने लगे। इससे कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया।
सत्तापक्ष ने दिया जवाब
इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि समाज में तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रूप देना सही नहीं है और ऐसे मामलों में सभी पक्षों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
स्पीकर ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
सदन में बढ़ते शोरगुल के बीच विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सभी सदस्यों से शांत रहने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अब तक सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल रही थी, इसलिए सभी दलों को सहयोग करते हुए कार्यवाही जारी रखने में मदद करनी चाहिए।
मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
डीजे विवाद पर चर्चा के दौरान मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं।
उन्होंने बताया कि रात 10 बजे के बाद तेज ध्वनि में डीजे या लाउडस्पीकर चलाने पर प्रतिबंध है और इसी नियम के तहत प्रशासन कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि इसे धार्मिक विवाद का रूप देना उचित नहीं है।
उद्योग और विकास पर भी हुई चर्चा
सदन में विभिन्न विधायकों ने राज्य में उद्योग और रोजगार के मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। कई विधायकों का कहना था कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है और यहां उद्योग स्थापित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है।

