मेदिनीनगर (पलामू)
पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर प्रखंड क्षेत्र में अधूरे हाईवे पर टोल टैक्स वसूली शुरू किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रांची रोड पर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग के जोरकट टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूली शुरू होने के बाद से क्षेत्र में विरोध की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स लेना नियमों के विरुद्ध है और यह आम जनता के साथ अन्याय है। स्थानीय लोगों के अनुसार रांची रोड स्थित हाईवे के कई हिस्सों में अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। कहीं सड़क कच्ची है तो कहीं डायवर्जन बनाकर वाहनों को निकाला जा रहा है। कई जगहों पर गिट्टी और मिट्टी डाली गई है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके टोल प्लाजा पर वाहनों से नियमित रूप से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। इससे यात्रियों और स्थानीय वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पहले सड़क निर्माण कार्य को पूरी तरह से पूरा कराया जाए, उसके बाद ही टोल टैक्स वसूली शुरू की जाए। उनका कहना है कि अधूरी सड़क पर टोल लेना आम जनता के अधिकारों का हनन है और इससे क्षेत्र के लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
मौके पर उपस्थित मेदिनीनगर-भंडरिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी और आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह चेरो ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुबियाखाड़ स्थित राजकीय आदिवासी विकास कुंभ मेला परिसर के समीप बनने वाले फ्लाईओवर को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि यहां पहले आठ पिलर वाला फ्लाईओवर बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अब केवल दो पिलर पर ही निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो कहीं से भी उचित नहीं है। अजय सिंह चेरो ने कहा कि दुबियाखाड़ में लगने वाले राजकीय आदिवासी विकास कुंभ मेले के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में आठ पिलर वाला फ्लाईओवर ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेले में मुख्य अतिथि के रूप में आए राज्य के कई मंत्रियों ने भी आठ पिलर का फ्लाईओवर बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हो पाया।
उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल हाईवे के निर्माण से जुड़े लोगों ने गलत रिपोर्ट भेजकर यह दिखाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पाइप के माध्यम से कलवर्ट निर्माण पर सहमति दे दी है, जबकि वास्तव में ऐसी कोई सहमति नहीं बनी थी। यह स्थानीय लोगों को धोखे में रखने का प्रयास है। वहीं टोल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि उन्हें उच्च स्तर से टोल वसूली शुरू करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर ही टोल टैक्स लिया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन और टोल प्रबंधन के बीच वार्ता भी हुई।
सदर थाना प्रभारी लालजी और टोल प्रबंधक के साथ स्थानीय लोगों की बैठक में यह सहमति बनी कि टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर की दूरी तक रहने वाले स्थानीय लोगों को टोल टैक्स से छूट दी जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि जिन किसानों और ग्रामीणों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में गई है, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द मुआवजे का भुगतान किया जाए।
इसके अलावा स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दुबियाखाड़ मेला परिसर के पास आठ पिलर वाला फ्लाईओवर बनाने पर सहमति नहीं बनती, तब तक हाईवे के कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। इस मौके पर मेदिनीनगर सदर जिला परिषद सदस्या के पति अर्जुन सिंह, कौड़िया मुखिया पति रविंद्र सिंह, सुआ मुखिया पति उपाध्याय सिंह, हिसार पोखरा मुखिया पति आनंद कुमार, पोलपोल मुखिया पति भारदुल सिंह समेत सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

