लातेहार: (झारखंड)
चतरा जिले में हुए एयर एम्बुलेंस हादसे के बाद घटनास्थल पर बेहद विचलित करने वाला दृश्य देखने को मिला। ग्राउंड जीरो पर मौजूद लोगों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा मुख्य स्थल से लगभग 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में बिखरा हुआ पाया गया। आसपास के ग्रामीणों ने जहां-जहां मलबे के टुकड़े देखे, उन्हें सुरक्षित रूप से एकत्र कर मुख्य घटनास्थल तक पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग किया।
मलबे के व्यापक फैलाव को देखते हुए प्रारंभिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि विमान में तकनीकी खराबी या विस्फोट जैसी स्थिति हवा में ही उत्पन्न हुई होगी, जिसके कारण उसके हिस्से दूर-दूर तक जा गिरे। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।सूत्रों के अनुसार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम दिल्ली से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है और शीघ्र ही तकनीकी जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जांच दल द्वारा दुर्घटनास्थल का निरीक्षण, मलबे का परीक्षण तथा अन्य साक्ष्यों का संकलन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमान का ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही दुर्घटना के कारणों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। ब्लैक बॉक्स में दर्ज फ्लाइट डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि दुर्घटना किस परिस्थिति में और किस कारण से हुई।फिलहाल प्रशासन द्वारा क्षेत्र को सुरक्षित घेरा गया है तथा लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें। आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।

