- बिना बिल वाउचर काहीं कर दिया गया है राशि का भुगतान, सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ खुलासा
विश्रामपुर (पलामू )
विश्रामपुर प्रखंड में पंचायत समिति सदस्यों के द्वारा पंचायत क्षेत्र में 15वीं वित्त की राशि से लगाई गई सीमेंटेड कुर्सी में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। सीमेंटेड कुर्सी की क्रय में किसी प्रकार की गुणवत्ता का भी ख्याल नहीं किया गया। इसकी जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता संपूर्णानंद सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि कुर्सी स्थापित करने को लेकर वरीय अधिकारियों का निर्देश प्राप्त नहीं है। बावजूद धड़ल्ले से सीमेंटेड कुर्सी का क्रय करते हुए राशि की बंदर बांट कर ली गई। सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत विश्रामपुर प्रखंड के पंजरी कला पंचायत में पंचायत समिति की ओर से लगाई गई सीमेंटेड कुर्सी सहित अभिलेख की मांग की गई थी। जिसमें आधा अधूरा सूचना उपलब्ध कराया गया, जो नाकामी छुपाने का एक प्रयास है। प्रखंड कार्यालय के द्वारा केवल पंचायत में 2 लाख 34 हजार रुपए की सीमेंटेड कुर्सी अधिष्ठापित कराने की जानकारी दी गई है। साथ ही 5 जुलाई 2024 को आपूर्तिकर्ता के खाते में राशि की भुगतान भी कर दी गई है। जबकि इसका बिल वाउचर उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि बिना वाउचर राशि की भुगतान कर दी गई है। बताया कि यह केवल पंजरी कला हीं नहीं, प्रखंड के सभी पंचायतों में ऐसे हीं कार्य किया गया है।
पंजरी कला पंचायत में पंचायत समिति की ओर से कराई गई एक अन्य योजना गोपाल साव के सिंचाई कूप की बगल में पीसीसी पथ का गार्डवाल का निर्माण के संबंध में संपूर्णानंद सिंह ने बताया कि बताया कि एक ही योजना के लिए गठित की गई लाभुक समिति के दो अध्यक्ष बनाए गए हैं। शुरुआती दौर में मुखिया के द्वारा ग्राम सभा कर लाभुक समिति के अध्यक्ष के रूप में हनुमान साव का चयन किया गया। साथ हीं अग्रिम राशि के रूप में इन्हें 15 हजार रुपए का भुगतान किया गया। यह योजना 98 हजार रुपए की है। योजना की मापी पुस्तिका 10 अगस्त 23 को प्रखंड के द्वारा इश्यू कर दिया जाता है। 22 अगस्त 23 को पंचायत समिति सदस्य के द्वारा ग्राम सभा पंजी पर एक बैठक करते हुए पूर्व के अध्यक्ष को बदलकर मनीष कुमार को अध्यक्ष बनाया जाता है। साथ हीं योजना की अवशेष राशि दुसरी बार बने लाभुक समिति के अध्यक्ष मनीष कुमार के नाम की गई। बताया कि इसकी जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगे जाने पर हुई है।

