पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत, अब मात्र ₹50 में सफारी वाहन की सुविधा

किला नाका में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद, सफारी से प्राप्त आय का लाभ स्थानीय समुदाय को, प्लास्टिक मुक्त पर्यटन पर भी जोर

मेदिनीनगर (पलामू)

बेतला, 28 अक्टूबर 2026। पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क स्थित किला नाका में 27 अक्टूबर को स्थानीय ग्रामीणों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बेतला वन प्रक्षेत्र के रेंजर श्री उमेश दुबे, वनकर्मी एवं आसपास के ग्रामीण उपस्थित रहे।

बैठक में स्थानीय समुदाय को राहत देते हुए निर्णय लिया गया कि पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों को स्थानीय इको विकास समिति द्वारा संचालित सफारी वाहन से भ्रमण की सुविधा मात्र ₹50 प्रति व्यक्ति शुल्क पर उपलब्ध होगी। यह नई व्यवस्था फिलहाल केवल पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए लागू होगी, जबकि बाहरी पर्यटकों के लिए पूर्व निर्धारित शुल्क यथावत रहेगा। ₹50 की राशि वाहन के रखरखाव एवं साफ-सफाई में उपयोग की जाएगी।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि सामान्य पर्यटकों से लिए जाने वाले ₹1,950 के सफारी शुल्क में से लगभग ₹1,450 सीधे स्थानीय समुदाय को प्राप्त होते हैं, जबकि शेष ₹500 सफारी संचालन, रखरखाव, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इन व्यवस्थाओं का आर्थिक लाभ भी स्थानीय स्तर पर पहुंचता है। इस प्रकार सफारी शुल्क का उद्देश्य विभागीय आय अर्जित करना नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, आजीविका और पर्यटन सुविधाओं को सशक्त बनाना है।

बैठक में पलामू टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक कचरा या अन्य किसी प्रकार का कचरा फैलाते हुए पाए जाने पर ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। स्वच्छता बनाए रखने और वन्यजीव संरक्षण में ग्रामीणों एवं पर्यटकों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई।

पलामू टाइगर रिजर्व की यह पहल जनभागीदारी आधारित वन्यजीव संरक्षण, स्थानीय आजीविका संवर्धन और स्वच्छ एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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