राँची. (झारखंड)
ओबीसी कर्मचारी अधिकारी महासंघ, झारखंड द्वारा राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों और हितों को लेकर एक बार फिर से मुखर होकर आवाज उठाई गई है। महासंघ ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन पर अब सरगर्मी तेज हो गई है।
मुख्य मांगें:
1 झारखंड में ओबीसी को 27% आरक्षण लागू हो: महासंघ की मांग है कि राज्य की जनसांख्यिकी और सामाजिक स्थिति को देखते हुए झारखंड में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ जल्द से जल्द दिया जाए।
2 2027 की जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए: केंद्र सरकार से यह पुरजोर मांग की जा रही है कि आगामी जनगणना (2027) फॉर्म में ओबीसी वर्ग के लिए एक अलग से कॉलम (Separate Column) का प्रावधान किया जाए, ताकि इस वर्ग की वास्तविक आबादी का स्पष्ट और पुख्ता डेटा सामने आ सके।
इस संबंध में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार ठाकुर तथा प्रदेश महासचिव श्याम देव महतो का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हमारा यह अभियान और जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न माध्यमों से जारी रहेगा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में ओबीसी समाज के उत्थान, ‘एकता, प्रगति और न्याय’ के उद्देश्यों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

