सूचना जलकर का नियमित भुगतान कर ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को बनाएं आत्मनिर्भर , उपायुक्त

मेदिनीनगर (पलामू)

भड़गांवा पंचायत में विशेष ग्राम सभा आयोजित, उपायुक्त ने QR कोड स्कैन कर ₹62 जलकर का भुगतान कर की पहल की शुरुआत

जलकर की राशि से गांव में ही दूर की जा सकेंगी पेयजल संबंधी समस्याएं, पारदर्शिता एवं निगरानी के लिए गठित होगी टीम

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति के अध्यक्ष दिलीप प्रताप सिंह शेखावत बुधवार को चैनपुर प्रखंड अंतर्गत भड़गांवा पंचायत सचिवालय पहुंचे। यहां जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को नियमित रूप से जलकर का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने ग्रामीणों से जलकर भुगतान को अपनी जिम्मेदारी समझने तथा गांव की पेयजल व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री शेखावत ने QR कोड स्कैन कर अपने फोन-पे अकाउंट के माध्यम से ₹62 का जलकर भुगतान किया तथा डिजिटल माध्यम से जलकर भुगतान की पहल की शुरुआत की। उनके साथ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता जेसन होरो, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अजित कुमार तिवारी, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक धर्मेंद्र दुबे सहित अन्य लोगों एवं ग्रामीणों ने भी ₹62 का भुगतान किया।

हर घर से नियमित भुगतान, गांव की पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत

उपायुक्त ने कहा कि इस विशेष ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य वैसे ग्रामीणों को जलकर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है, जो अब तक नियमित रूप से जलकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भड़गांवा गांव की आबादी लगभग 1,740 है। यदि सभी परिवार नियमित रूप से निर्धारित जलकर का भुगतान करें, तो सामूहिक रूप से प्रतिमाह एक लाख रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की जा सकती है। इससे सालाना लगभग 12 लाख रुपये से अधिक की राशि गांव की पेयजल व्यवस्था के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए उपलब्ध हो सकती है।

उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की खराबी आने पर उसके समाधान के लिए हमेशा जिला प्रशासन या सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। नियमित जलकर से एकत्रित राशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर ही पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा छोटी-मोटी समस्याओं का त्वरित समाधान करने में किया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

जलकर की राशि का सदुपयोग हो, इस पर मेरी पैनी नजर रहेगी : उपायुक्त

उपायुक्त श्री शेखावत ने स्पष्ट कहा कि जलकर से प्राप्त राशि का पारदर्शी तरीके से सदुपयोग सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। राशि की निगरानी एवं समुचित उपयोग के लिए एक टीम गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जलकर के रूप में जमा होने वाली राशि स्थानीय जल सहिया के खाते में रहेगी तथा इसके उपयोग की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि राशि का इस्तेमाल गांव की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने में ही हो।

उन्होंने यह भी कहा कि जलकर भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए जल मीनार, पानी की टंकी एवं सरकारी विद्यालयों सहित अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों पर QR कोड लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीण आसानी से डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकेंगे और भुगतान प्रक्रिया में होने वाली असुविधा को दूर किया जा सकेगा।

जल जीवन के लिए अनमोल, ₹62 का नियमित योगदान बनेगा गांव की ताकत

उपायुक्त ने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की सहायता राशि दी जाती है। ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रतिमाह ₹62 का योगदान करना एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे नियमित रूप से जलकर का भुगतान करने का संकल्प लें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हर परिवार का छोटा-सा योगदान सामूहिक रूप से बड़ी राशि बन सकता है। इस राशि से गांव की जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव, मरम्मत एवं संचालन में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ेगी और गांव की पेयजल व्यवस्था अधिक मजबूत एवं टिकाऊ बन सकेगी।

इस अवसर पर चैनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप दास,अंचल अधिकारी सत्यम कुमार,स्थानीय मुखिया सुनीता देवी सहित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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