स्वच्छता को अभियान तक सीमित न रखकर निरंतर जनआंदोलन बनाने की दिशा में करें कार्य:डीसी
मेदिनीनगर (पलामू)
पलामू समाहरणालय सभागार में शनिवार को ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान की शुरुआत की गयी। इस अवसर पर जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ अभियान को जिले में व्यापक एवं प्रभावी बनाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने अभियान के तहत प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता का अभियान केवल दो सप्ताह तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे निरंतर चलने वाले जनआंदोलन के रूप में विकसित करने की दिशा में योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर पलामू के लिए प्रशासन के साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। बगैर जनभागीदारी के स्वच्छता का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पलामू में पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, लेकिन कई पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई की कमी के कारण वे उस स्तर पर विकसित नहीं हो पा रहे हैं, जिस स्तर की उनकी क्षमता है। उन्होंने पर्यटन स्थलों एवं उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ लोगों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य हैं, इसलिए विद्यालयों को भी अभियान से व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। स्कूलों में स्वच्छता को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के साथ गार्बेज कलेक्शन प्रतियोगिता कराने की योजना है। इससे बच्चों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित होगी।
अभियान के दौरान ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 एवं चार प्रकार के कचरा पृथक्करण को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ‘Reduce, Reuse और Recycle’ यानी 3R के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं के संग्रहण एवं उचित निस्तारण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के तहत Garbage Vulnerable Points (GVP) एवं Cleanliness Target Units (CTU) को चिह्नित कर उनकी साफ-सफाई की जाएगी। सफाई के बाद इन स्थलों को आकर्षक बनाने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
सार्वजनिक स्थलों, बाजारों एवं ग्रामीण हाटों में स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने तथा लोगों को कपड़े का थैला इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाएगा। गांवों में मोहल्लों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई के साथ सामुदायिक स्वच्छता परिसरों एवं जलस्रोतों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उपायुक्त ने एक अक्टूबर को ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान कार्यक्रम के तहत सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई में सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ यह पहल समाज में भी स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश देगी। अभियान के तहत एक अक्टूबर को सामुदायिक स्थलों पर श्रमदान, स्वच्छता शपथ एवं चिह्नित स्वच्छता इकाइयों तथा Garbage Vulnerable Points की सफाई जैसी गतिविधियां निर्धारित हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा क्लबों, स्वयं सहायता समूहों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयास से ही स्वच्छ एवं सुंदर पलामू के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सादात अनवर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।यह संस्करण अखबार में सीधे भेजने योग्य रखा गया है और आपके बताए डीसी के दोनों नए बिंदुओं को खबर के मुख्य प्रवाह में जोड़ा गया है।

