एक लोटा जल से दूर होती हैं सारी समस्याएं , पंडित प्रदीप मिश्रा

बारियातू (लातेहार)

रांची के सुकुरहुटू में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर लगभग आठ लाख श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। पूरा पंडाल शिव भक्ति श्री शिवाय नमस्तुभ्यं और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कथा वाचन करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शंकर को श्रद्धा और सच्चे मन से एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से भक्तों की सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार छोटी-छोटी नदियां बहते-बहते सागर में समाहित हो जाती हैं, उसी प्रकार मनुष्य भी धीरे-धीरे परमात्मा भगवान शिव में लीन हो जाता है।
उन्होंने कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का सच्चे मन से जाप करने से मनुष्य की अनेक पीढ़ियों को पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं पशुपति व्रत को विधि-विधान से करने वाला व्यक्ति वैभव, सुख और संपदा प्राप्त करता है।
पंडित मिश्रा ने बताया कि मनुष्य के शरीर में साढ़े तीन करोड़ छिद्र होते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति साढ़े तीन करोड़ बार भगवान का जाप नहीं कर पाता। ऐसे में कलियुग में जो श्रद्धालु लाखों भक्तों के साथ भूमि पर बैठकर सामूहिक रूप से “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप करता है, उसका साढ़े तीन करोड़ जाप पूर्ण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा पंडाल में सच्चे मन से बाबा भोलेनाथ से जो भी मनोकामना मांगी जाती है, भगवान उसे अवश्य पूर्ण करते हैं।
कथा के दौरान “देर न लगाओ भोला, देर न लगाओ, पर्वत से भोले बाबा नीचे उतर आओ…” भजन पर लाखों शिवभक्त झूमते और भक्ति में लीन नजर आए।

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