मेदिनीनगर (पलामू)
समाज मे हिंसा का कोई स्थान नही है। हिंसा कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है ।उक्त बातें पीएलवी अनिता मिंज ने कही ।वे बुधवार को सदर प्रखंड के सुदना पूर्वी व पश्चिमी पंचायत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 90 दिवसीय गहन जागरूकता एवं आउटरीच प्रोग्राम के तहत कार्यक्रम में बोल रही थी।उन्होंने कहा कि हिंसा न केवल शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुचाती है बल्कि विकास को भी प्रभावित करती है ।उन्होंने कहा कि परिवार में महिला के साथ शारीरिक व मानसिक दुर्व्यवहार घरेलू हिंसा की परिधि में आता है ।ऐसा करना घरेलू हिंसा में महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अधीन अपराध है ।उन्होंने कहा कि कोई भी पत्नी बेटी मां या बिना शादी के साथ रहने वाली महिला मित्र इस कानून के अनुसार अदालत में सुरक्षा का आदेश पाने के लिए प्रार्थना कर सकती है ।उन्होंने कहा कि कानून के तहत भरण पोषण पाने का भी हकदार घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला और उसके बच्चे हैं । उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रदत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। सा ही कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर हिंसा का शिकार है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार में आए यहां उन्हें मुक्त कानूनी सहायता के साथ-साथ हर संभव सहायता प्रदान किया जाता है। उन्होंने डालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी ।उन्होंने पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।इस मौके पर इंदुबाला देवी व पूनम देवी ने भी डालसा द्वारा संचालित कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कहा कि कोई भी ब्यक्ति अब न्याय पाने से बंचित नही रहेगा।डालसा के माध्यम से गरीब व जरूरत मन्द लोगो को मुफ्त बिधिक सहायता उपलब्ध कराया जा रहा हैं।इसी को लेकर पूरे जिले में जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगो को हक़ अधिकार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।कहा कि हिंसा करे नही हिंसा सहे नही।

