बारियातू (लातेहार):
लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर आत्मसमर्पण नीति के तहत शुक्रवार को बारियातू थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बालूमाथ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विनोद रवानी ने की। इसमें बारियातू एवं हेरहंज थाना क्षेत्र के आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके परिजनों के साथ पुलिस प्रशासन ने सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
बैठक के दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने परिजनों से खुलकर बातचीत करते हुए उनकी विभिन्न समस्याओं—जमीन विवाद, बच्चों की पढ़ाई, आर्थिक सहयोग, न्यायालय में लंबित मामलों सहित अन्य सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों की जानकारी ली। इस अवसर पर लातेहार डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके स्वजनों को समाज की मुख्यधारा में पूरी तरह से जोड़ना तथा उन्हें बेहतर जीवन के अवसर प्रदान करना है।
बालूमाथ एसडीपीओ विनोद रवानी ने सरकार द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन लोगों के घोषित इनाम की राशि से संबंधित मामलों, भूमि विवाद के समाधान, बच्चों की शिक्षा हेतु शुल्क भुगतान, न्यायालय में लंबित मामलों के लिए अधिवक्ता की व्यवस्था, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एवं आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
बैठक के दौरान कई लाभुकों के बीच आयुष्मान कार्ड का वितरण भी किया गया। अधिकारियों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके स्वजनों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे बेझिझक पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र के सक्रिय नक्सलियों से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हों, क्योंकि सरकार की पुनर्वास नीति उनके सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए बनाई गई है।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार यादव बारियातू थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान, हेरहंज थाना प्रभारी कृष्णपाल सिंह पवैया, बारियातू एमओ भूपेश पाठक सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

