मेदिनीनगर (पलामू)
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुक्रवार एक मई को डीआरडीए हाल में वाहन दुर्घटना दावा (एमएसिटी) को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित अधिकृत पुलिस अधिकारी लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता ,पीएलवी मुख्य रूप से मौजूद थे। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव रंजन ,लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चन्द सिंह ,डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय,पीएलवी इंदु भगत ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार ने दुर्घटना पीड़ित व्यक्तियों को बीमा कंपनियों से किस प्रकार क्लेम मिल सकता है और इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में गहन से जानकारी दी ।उन्होंने कहा कि मोटर एक्सीडेंट केस में समय पर रिपोर्ट पेश करना थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य के साथ साथ कानूनी बाध्यता भी है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया दुरुस्त रहने पर ही पीड़ित परिवार को समय पर उचित मुआवजा दिलाया जा सकता है ।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्धटना के 30 दिनों के अंदर पुलिस को दुर्घटना संबंधित कागजात प्रस्तुत करना आवश्यक है ।उन्होंने थाना से आए पुलिस पदाधिकारी को बेहतर करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि आपका दुर्घटना के मामले में रोल महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द मुवावजा दिलाने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद ब्यक्ति टूट जाता है ऐसे में समय पर पैसा मिलना जरूरी है।उन्होंने 159 एमवीएक्ट के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि तीन माह के अंदर जमा कर दे।साथ ही हिट एंड रन के केस में मुवावजा के बारे में कहा कि इसके तहत मृत्यु होने पर दो लाख व गम्भीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये मुवावजा दिए जाने का प्रावधान हैं।उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग 164 व 166 एमवीएक्ट में क्लेम केस दाखिल करते हैं।उन्होंने कहा कि 164 में निगलिजेंस प्रमाणित करने का जरूरत नही पड़ता।उन्होंने ए आई आर व डीएआर के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि एक्सीडेंट के केस में आपलोगों का रॉल सबसे महत्वपूर्ण हैं।बिना आप के सहयोग के न्याय देना सम्भव नही है।उन्होंने कहा कि समय पर न्याय मिलना बेहद जरूरी हैं।उन्होंने प्रणव सेठी व सरला वर्मा केस के बारे में भी बिस्तार से चर्चा किया।इस मौके पर डालसा सचिव राकेश रंजन ने कहा कि एफएआर की कॉपी 48 घण्टे के अंदर टिवयुनल में भेजना जरूरी है साथ ही डालसा कार्यालय व बीमा कम्पनी को भी एक प्रति एफएआर को जरूत भेजे।उन्होंने कहा कि गाड़ी का बीमा जरूर कराये ।नही बीमा कराने पर दायित्व बढ़ जाता है।इस मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव रंजन ने दुर्घटना में मृदा के परिजनों को मुआवजा देने हेतु पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राथमिक की सहित उन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी वह तेजी से हो रहा दूसरा दुर्घटनाओं पर रोकथाम को लेकर चर्चा किया गया उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना पर रोकथाम को लेकर सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रत्येक प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है इस मौके पर बीमा कंपनी के अधिवक्ता ज्यूडिशरी ने कहा कि 80% दुर्घटना बिना हेलमेट के कारण होता है उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना पर रोकथामN जन जागरूकता से ही संभव है उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है साथ ही उन्होंने मुआवजा के बारे में भी विशेष रूप से जानकारी दी।इस मौके पर अधिवक्ता जय किशोर पाठक,सुशील राम, मुरलीधर पाण्डेय, वीर विक्रम वकस राय, उत्तम कुमार, पुष्कर राज, पीएलवी शैलेंद्र तिवारी ,प्रमोद शुक्ला,रविन्द्र सिंह, सुखाड़ी मिंज,विनय प्रसाद,मुनेश्वर राम,भागीरथी दुबे,करण कुमार थापा, डालसा कार्यालय असिस्टेंट संजीव सिंह,एल ए डीसी असिस्टेंट अमित कुमार विश्वकर्मा, ओमप्रकाश, सोनू कुमार समेत दर्जनो लोग उपस्थित थे।

