रांची ( झारखंड )
झारखंड में करीब 45 हजार आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण और भरोसा देने वाला कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अगुवाई में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक हुई. यह बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें शिक्षकों की नौकरी, सुरक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.
बैठक शिक्षा मंत्री के आवास पर आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान सहायक अध्यापकों की समस्याओं को ध्यान से सुना गया और समाधान के रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया. सरकार की ओर से सबसे अहम बात यह कही गई कि किसी भी शिक्षक की नौकरी रिटायरमेंट से पहले नहीं जाएगी. मंत्रियों ने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे बिना किसी डर के अपना काम जारी रखें, सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

