भारत माला प्रोजेक्ट में बड़ा खेल! बनते ही दरकने लगी एनएच-39 की फोरलेन,

ब्रहमोरिया मोड़ का अंडरपास बना भ्रष्टाचार की मिसाल

विश्रामपुर (पलामू )

देश के महत्वाकांक्षी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत भोगू से शंखा गांव तक एनएच-39 फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कागजों में यह परियोजना विकास की नई तस्वीर दिखाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। निर्माण कार्य कर रही भारत वाणिज्य ईस्टर्न कंपनी लिमिटेड पर घटिया निर्माण का गंभीर आरोप लग रहा है।
ब्रहमोरिया मोड़ पर बनाया गया अंडरपास इस पूरे मामले की सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है। अंडरपास बनते ही उसकी दीवारों और ढांचे में कई जगह दरारें पड़ने लगीं। स्थिति इतनी खराब थी कि पहली ही बरसात में अंडरपास का एक हिस्सा खिसक कर गिर गया। इसके बाद आनन-फानन में दोबारा निर्माण कराया गया, लेकिन दूसरी बार भी वही लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। अब फिर से दीवारें खिसकने लगी हैं और पुल के कई हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता की खुली अनदेखी की जा रही है। जब कंपनी के कर्मियों से इस बारे में सवाल पूछा जाता है तो वे साफ तौर पर पल्ला झाड़ लेते हैं और कहते हैं कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के लोगों को प्रशासन का तनिक भी डर नहीं है। हर क्षेत्र में उन्होंने अपने कुछ एजेंट तैनात कर रखे हैं, जो उनके गलत कामों को दबाने और विरोध की आवाज को शांत कराने में लगे रहते हैं।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों की लागत से बन रही सड़क बनते ही दरकने लगे, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन इस मामले की जांच कराएगा या फिर विकास के नाम पर घटिया निर्माण की यह कहानी यूं ही चलती रहेगी?

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