विश्रामपुर (पलामू) :
विश्रामपुर पुलिस ने प्रियंका देवी हत्याकांड के पूर्ण उद्भेदन का दावा मंगलवार को प्रेसवार्ता कर किया.एसडीपीओ आलोक टूटी ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल दो अभियुक्तों ने पुलिस के दबाव में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया,वहीं तीन अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.जबकि एक अभियुक्त के गिरफ्तारी के लिये सघन छापेमारी जारी है.उल्लेखनीय है कि बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भूखला गांव के रंजीत मेहता की पत्नी प्रियंका देवी उर्फ पूजा देवी की हत्या कर नावा बाजार थाने के तुकबेरा पंचायत के डेरौना टोले पर टॉवर के बगल में गढ्ढा खोदकर मिट्टी भरवा दिया गया था.मृतका के परिजनों की शिकायत पर दर्ज मामला के आलोक में मृतका का शव दंडाधिकारी की उपस्थिति में गढ्ढा से निकाला गया था.इस घटना के आरोपी व मृतका के पति रंजीत मेहता ने छः जनवरी को व उसकी प्रेमिका गुड़िया देवी ने सात जनवरी को पुलिस के दबाव में कोर्ट में आत्मसर्मपण कर दिया था. आत्मसमर्पण के बाद विश्रामपुर पुलिस दोनों अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर पूछताछ किया.जिसमें दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया.दोनों ने बताया कि उसकी पत्नी प्रियंका (मृतका) प्रेम प्रसंग का विरोध कर रही थी.जिसके कारण ही हत्या करने की योजना बनाया.इसी क्रम में रंजीत ने 28 दिसम्बंर को पड़वा के लाला कुमार व गोविंद कुमार से संपर्क कर उन्हें प्रियंका की हत्या के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी दी और हत्या का प्लान बताया. उसी रात रंजित ने प्रियंका को बेहोसी का दवा खिला कर बेहोश कर दिया.बेहोशी की हालत में रंजीत मेहता,मुकेश मेहता,लाला कुमार,गोविंद कुमार व सुनील कुमार ने प्रियंका को बाइक पर बैठाकर तुकबेरा के टोला डेरौना स्थित प्रेमिका गुड़िया देवी के घर ले आये.जहां मफलर से प्रियंका का गला घोंटकर हत्या कर दी.उसके बाद शव को पहले से खोदे हुये गढ्ढे में दफना दिया.गढ्ढे के बगल में मरा हुआ कुत्ता रख दिया,ताकि शव से बदबू निकलने के बाद लोग भ्रमित रहें और समझें कि मरे हुए कुत्ता से ही दुर्गंध निकल रहा है.थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि हत्या में शामिल सुनील कुमार,लाला कुमार व गोविंद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.वहीं मुकेश मेहता के गिरफ्तारी के लिये लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है.पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मफलर,तीन मोबाइल व दो मोटरसाइकिल भी जब्त किया है.छापेमारी दल में एसआई शिवनाथ रंजन,शैलभ कुमार,एएसआई विनोद राम,अखिलेश कुमार,बलराम दास व भगवान सिंह समेत तकनीकी शाखा के लोग व सशस्त्र बल शामिल थे.

