- विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भव्य कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों के माथे पर तिलक लगाते हुए चरणस्पर्श कर किया सम्मानित
नावाबाजार (पलामू)
नावाबाजार प्रखंड के चेचरिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं के द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां विद्यालय के शिक्षक सहित छात्र-छात्राओं के द्वारा भारतरत्न पूर् राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर “शिक्षक दिवस” स्कूलों में बड़े हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
इसके पूर्व विद्यालय में प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के बाद सभी शिक्षकों ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तस्वीर के सम्मुख के दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत किया गया। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शिक्षक सहित अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ हीं छात्र-छात्राओं ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला।
मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई थी। वह 1949 से 1952 तक सोवियत संघ में भारतीय राजदूत के रूप में कार्य किया। इसके साथ ही 1952 में भारत के उपराष्ट्रपति बने व 1962 तक इस पद पर बने रहे। 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक वे भारत के राष्ट्रपति भी रहे।
वहीं विद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा शिक्षकों के माथे पर तिलक लगाते हुए चरण स्पर्श करते हुए कलम देकर सम्मानित भी किया गया। वहीं शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को बताया शिक्षक समाज के लिए रीढ़ की हड्डी है। छात्रों के जीवन में गुरुजन सिर्फ किताबी ज्ञान हीं नहीं देते हैं बल्कि समाज की सभी सच्चाइयों का ज्ञान देते हैं। बच्चों को बताया कि शिक्षक वह दीपक हैं, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। इस मौके पर शिक्षक प्राधानाध्यापक जैनेन्द्र कुमार पांडेय, सहायक शिक्षक सुदर्शन सिंह, सहायक अध्यापक रमेश चंद्र दुबे, रघुवीर पांडेय, सहित चांदनी कुमारी, गायत्री कुमारी, शिवानी कुमारी अमन कुमार सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं शामिल थे।

